JM Financial Share: 50% बम्पर मुनाफा! Deal-Making और Housing Boom ने मचाया धमाल!

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
JM Financial Share: 50% बम्पर मुनाफा! Deal-Making और Housing Boom ने मचाया धमाल!
Overview

JM Financial के निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी! कंपनी ने Q3 FY26 में **50%** की शानदार ग्रोथ के साथ **₹313 करोड़** का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। यह दमदार परफॉरमेंस मुख्य रूप से जोरदार डील-मेकिंग और हाउसिंग सेक्टर में तेजी से आई है।

📉 Q3 नतीजों में JM Financial का जलवा!

JM Financial Limited ने दिसंबर 2025 में समाप्त तीसरी तिमाही और पूरे नौ महीनों के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं, और ये वाकई उम्मीद से कहीं बेहतर रहे हैं। कंपनी ने Q3 FY26 के लिए ₹313 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) घोषित किया है, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 50% की जोरदार उछाल को दर्शाता है। वहीं, अगर पूरे नौ महीनों की बात करें तो FY26 में PAT में 69% की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है, जो ₹1,037 करोड़ पर पहुंच गया।

इस शानदार मुनाफे का सबसे बड़ा श्रेय कंपनी की फीस और कमीशन इनकम में आई 32% की तगड़ी बढ़ोतरी को जाता है। Q3 FY26 में यह आंकड़ा ₹306 करोड़ रहा, जो कैपिटल मार्केट ट्रांजैक्शन और वेल्थ मैनेजमेंट गतिविधियों के लिए एक मजबूत संकेत है। कंपनी के पास IPOs की एक शानदार पाइपलाइन भी तैयार है, जिसमें ₹1,20,000 करोड़ से अधिक की फाइलिंग्स अगले 12 से 18 महीनों में पूरी होने की उम्मीद है।

📈 सेगमेंट-वाइज परफॉरमेंस:

  • कॉर्पोरेट एडवाइजरी और कैपिटल मार्केट्स (CACM): इस सेगमेंट ने Q3 FY26 में 30% की बढ़त के साथ ₹210 करोड़ का नेट रेवेन्यू दर्ज किया। वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 12% बढ़कर ₹89 करोड़ रहा। कंपनी IPO बाजार में सक्रिय है, जिसके तहत 54 फाइलिंग्स की कुल वैल्यू ₹1,21,000 करोड़ है।

  • वेल्थ और एसेट मैनेजमेंट: इस सेगमेंट में नेट रेवेन्यू 7% बढ़कर ₹181 करोड़ हो गया। हालांकि, मैनेजमेंट ने टैलेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी में भारी निवेश के कारण इस तिमाही में एसेट मैनेजमेंट बिजनेस को ₹9 करोड़ का शुद्ध घाटा होने की बात कही है। यह निवेश CY2026 तक जारी रहने की उम्मीद है। इसके बावजूद, आवर्ती संपत्तियों पर AUM (Assets Under Management) में 33% की शानदार सालाना वृद्धि देखी गई।

  • प्राइवेट मार्केट्स: यह सेगमेंट तेजी से बढ़ा है, जिसमें Q3 FY26 में ऑपरेटिंग प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 82% उछलकर ₹111 करोड़ पर पहुंच गया। नौ महीनों के दौरान, इस सेगमेंट का ऑपरेटिंग प्रॉफिट आफ्टर टैक्स लगभग चार गुना बढ़कर ₹466 करोड़ हो गया, जिसका मुख्य कारण सिंडिकेशन डील्स और डिस्ट्रेस्ड क्रेडिट रिकवरी रही।

  • अफॉर्डेबल होम लोन: इस व्यवसाय में भी दमदार ग्रोथ दिखी। Q3 FY26 में रेवेन्यू 27% बढ़कर ₹118 करोड़ रहा, और ऑपरेटिंग प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 53% उछलकर ₹22 करोड़ हो गया। इस सेगमेंट की AUM 23% बढ़कर लगभग ₹3,200 करोड़ हो गई, जिसने 30,000 से अधिक ग्राहकों को सेवा प्रदान की।

रणनीतिक मोर्चे पर, JM Financial ने JM Financial Credit Solutions में बाकी अल्पसंख्यक हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा कर लिया है, जिससे यह अब पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बन गई है। साथ ही, कंपनी को दो नए अल्टरनेटिव फंड्स के लिए भी नियामक मंजूरी मिल गई है।

🚩 आगे की राह और आउटलुक:

कंपनी ने भविष्य को लेकर आशावादी नज़रिया पेश किया है। यह अगले तीन वर्षों में अपने अफॉर्डेबल हाउसिंग बिजनेस में 25% से अधिक की सालाना ग्रोथ की उम्मीद कर रही है। वहीं, CACM बिजनेस के लिए, अगले 5-7 वर्षों में 13-15% रेवेन्यू ग्रोथ और हाई टीन्स में प्रॉफिटेबिलिटी ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है। अल्पसंख्यक हिस्सेदारी के अधिग्रहण से नकदी में कुछ कमी आई है, लेकिन मैनेजमेंट ने फीस और कमीशन आय पर अधिक ध्यान केंद्रित करके रेवेन्यू की गुणवत्ता में सुधार पर जोर दिया है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.