Q3FY26: मुनाफे का अंबार, ब्रोकरेज की उम्मीदें:
JM Financial Limited ने Q3FY26 के लिए अपने अनऑडिटेड नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी ने शानदार साल-दर-साल (YoY) ग्रोथ दर्ज की है। कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल की समान अवधि के ₹209 करोड़ से बढ़कर ₹313 करोड़ हो गया, जो 50% की जोरदार बढ़ोतरी है। वहीं, दिसंबर 31, 2025 को समाप्त हुए नौ महीनों के दौरान, PAT में 69% की भारी वृद्धि देखी गई और यह ₹1,037 करोड़ पर पहुंच गया।
इस शानदार ग्रोथ की मुख्य वजह रही फीस और कमीशन से होने वाली आय में 32% का जबरदस्त उछाल, जो Q3FY26 में ₹306 करोड़ तक पहुंच गई। ऑपरेटिंग PAT में 17% का इजाफा हुआ, जो ₹244 करोड़ रहा। हालांकि, इस पर ₹69 करोड़ के टैक्स रिफंड पर ब्याज और नए लेबर कोड के स्टैच्यूटरी असर जैसे असाधारण आइटमों का प्रभाव पड़ा। अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी 50% बढ़कर ₹3.3 हो गया। कंपनी की वित्तीय सेहत को उसके सुधरे हुए डेट-टू-इक्विटी रेशियो (1.0x, जो पिछले साल 1.1x था) और ₹10,418 करोड़ (+17% YoY) के कंसोलिडेटेड नेट वर्थ से बल मिलता है। इससे बुक वैल्यू पर शेयर (BVPS) ₹108.9 हो गया है।
सेगमेंट का हाल और मुख्य बातें:
- प्राइवेट मार्केट्स (Private Markets): इस सेगमेंट का PAT 82% YoY बढ़ा। इस तिमाही में ₹3,300 करोड़ का एक बड़ा सिंडिकेशन ट्रांजैक्शन सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
- एफोर्डेबल होम लोन (Affordable Home Loans): PAT में 53% YoY की ग्रोथ दर्ज की गई। एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 23% बढ़कर ₹3,183 करोड़ हुआ, जबकि ग्राहकों की संख्या 32% बढ़कर 30,759 हो गई।
- वेल्थ मैनेजमेंट (Wealth Management): हालांकि रेकरिंग AUM में 33% YoY की ग्रोथ के साथ ₹33,144 करोड़ तक पहुंच गया, लेकिन सेगमेंट के PAT में 37% की गिरावट आई। कंपनी ने 11 नए ब्रांच खोले और रिलेशनशिप मैनेजर्स (RMs) व सेल्स कर्मचारियों की संख्या 41% बढ़कर 1,057 हो गई।
- कैपिटल मार्केट्स (Capital Markets): इस डिविजन ने कैलेंडर ईयर 2025 में ₹87,000 करोड़ की वैल्यू वाले 37 इक्विटी कैपिटल मार्केट ट्रांजैक्शन पूरे किए। IPO पाइपलाइन मजबूत बनी हुई है, जिसमें लगभग ₹121,000 करोड़ की वैल्यू वाले 54 ट्रांजैक्शन फाइल किए गए हैं।
🚩 आगे क्या है उम्मीद?
कंपनी का मैनेजमेंट अपने डायवर्सिफाइड बिजनेस मॉडल के एग्जीक्यूशन से खुश है और पॉजिटिव मोमेंटम पर जोर दे रहा है। प्राइवेट मार्केट्स, वेल्थ और एसेट मैनेजमेंट, कॉर्पोरेट एडवाइजरी, कैपिटल मार्केट्स और एफोर्डेबल होम लोन सेगमेंट के लिए आउटलुक पॉजिटिव दिख रहा है। हालांकि, वेल्थ मैनेजमेंट में AUM बढ़ने के बावजूद प्रॉफिटेबिलिटी में आई गिरावट पर नजर रखने की जरूरत होगी। कैश और कैश इक्विवेलेंट में 45% YoY की कमी (-45% YoY से ₹3,197 करोड़) एक और अहम बिंदु है, लेकिन यह मजबूत नेट वर्थ ग्रोथ और नॉन-कोर लोन बुक में 53% YoY की भारी कमी (₹1,984 करोड़) से संतुलित हो जाता है।
