Insurance Sector: गलत तरीके से बिक्री पर नकेल! डिजिटल पारदर्शिता से बदलेगा पूरा गेम

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AuthorNeha Patil|Published at:
Insurance Sector: गलत तरीके से बिक्री पर नकेल! डिजिटल पारदर्शिता से बदलेगा पूरा गेम

भारतीय इंश्योरेंस कंपनियां अब मिस-सेलिंग (mis-selling) रोकने के लिए डिजिटल तकनीक अपना रही हैं। Bima Bharosa पोर्टल पर दर्ज **2.5 लाख** शिकायतों के बाद, कंपनियां अब सख्ती से सेल्स ऑडिट और स्टैंडर्ड डिस्क्लोजर लागू कर रही हैं।

भारत का इंश्योरेंस सेक्टर अब एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। पुरानी और पारदर्शी न रहने वाली सेल्स मॉडल की जगह अब डिजिटल टूल्स ले रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण ग्राहकों की बढ़ती नाराजगी है, जिसे रेगुलेटर के Bima Bharosa पोर्टल पर दर्ज 2.5 लाख से ज्यादा शिकायतों में देखा जा सकता है। अब करीब 75% हेल्थ इंश्योरेंस खरीदार कोई भी पॉलिसी लेने से पहले ऑनलाइन कम से कम 3 अलग-अलग प्लान्स की तुलना करते हैं, जिससे कंपनियों को अपने प्रोडक्ट डिस्क्लोजर को और भी स्पष्ट करना पड़ रहा है।

IRDAI का कड़ा रुख और बदलता कमीशन स्ट्रक्चर

IRDAI अब इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूटर्स के इंसेंटिव्स को ग्राहकों के लंबे समय के हितों के साथ जोड़ने की कोशिश कर रहा है। रेगुलेटर बड़े अपफ्रंट कमीशन के मॉडल को बदलकर उसे पॉलिसी की अवधि में बांटने पर जोर दे रहा है। बैंक (बैंक एश्योरेंस पार्टनर्स) और स्वतंत्र ब्रोकरों के लिए यह एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा इसी शुरुआती कमीशन पर टिका होता है। अब खर्चों की सीमा तय होने और गलत सेल्स प्रैक्टिस पर कमीशन वापस (clawbacks) लेने जैसे नियमों से बिजनेस मॉडल पर दबाव बढ़ना तय है।

ऑपरेशंस और मुनाफे पर असर

इन सख्त मानकों को पूरा करने के लिए इंश्योरेंस कंपनियां टेक्नोलॉजी में भारी निवेश कर रही हैं। अब सेल्स के दौरान होने वाली हर बातचीत को ऑडिट करने के लिए ऑटोमेटेड स्पीच एनालिटिक्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, यह कदम कंपनियों के लाइसेंस और प्रतिष्ठा के लिए जरूरी है, लेकिन इससे कंपनियों का ऑपरेशनल खर्च बढ़ेगा।

निवेशकों के लिए यह गौर करना जरूरी है कि कंपनियां इस बढ़ते टेक्नोलॉजी खर्च को कैसे मैनेज करती हैं। शुरुआती दौर में बुनियादी ढांचे पर होने वाला खर्च मुनाफे (Profit Margin) पर असर डाल सकता है। हालांकि, लंबी अवधि में पारदर्शी और बेहतर सर्विस देने वाली कंपनियां ही बाजार में टिकी रहेंगी और ग्राहकों का भरोसा जीत सकेंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.