Insurance Sector: क्लेम और शिकायतों पर सख्ती की तैयारी, बदल सकते हैं इंश्योरेंस के नियम

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AuthorAditya Rao|Published at:
Insurance Sector: क्लेम और शिकायतों पर सख्ती की तैयारी, बदल सकते हैं इंश्योरेंस के नियम

इंश्योरेंस सेक्टर में रेगुलेटरी फोकस अब डिस्ट्रीब्यूशन से हटकर क्लेम सेटलमेंट और शिकायत निवारण की ओर शिफ्ट हो रहा है। बढ़ते विवादों और हॉस्पिटल बिलिंग के मुद्दों को देखते हुए अब सख्त सिस्टम लागू किए जा सकते हैं, जिसका असर कंपनियों के कामकाज और मुनाफे पर पड़ सकता है।

भारतीय इंश्योरेंस सेक्टर में इस वक्त एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। रेगुलेटर अब कमीशन और सेल्स वॉल्यूम के बजाय सीधे ग्राहकों के क्लेम सेटलमेंट पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हेल्थ इंश्योरेंस में बढ़ते विवाद और लाइफ इंश्योरेंस में मिस-सेलिंग की शिकायतों ने रेगुलेटर्स को मजबूर कर दिया है कि वे पॉलिसीधारकों के हितों को सेल्स से ऊपर रखें।

शिकायत निवारण में चुनौतियां

फिलहाल, क्लेम रिजेक्शन के मामले में ग्राहकों को कई स्तरों से गुजरना पड़ता है। बीमा भरोसा पोर्टल से लेकर इंश्योरेंस ओम्बड्समैन (Insurance Ombudsman) तक की प्रक्रिया काफी जटिल और लंबी है। अब इंडस्ट्री में 'यूनिफाइड कंप्लेंट आईडी' (Unified Complaint ID) की मांग तेज हो गई है, ताकि बीमा सुगम (Bima Sugam) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिकायतों को आसानी से ट्रैक किया जा सके। कंपनियों के लिए यह डिजिटल अपग्रेडेशन और कंप्लायंस के बोझ को बढ़ा सकता है।

इंडस्ट्री के लिए सबसे बड़ी चिंता उन शिकायतों की संख्या है जो पॉलिसीधारक के पक्ष में सुलझाई जा रही हैं। अगर रेगुलेटर इन मामलों में कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाना शुरू करते हैं, तो यह सीधे तौर पर इंश्योरेंस कंपनियों के मार्जिन को प्रभावित करेगा।

हॉस्पिटल बिलिंग और खर्चों का प्रबंधन

हेल्थ इंश्योरेंस में लागत नियंत्रण एक बड़ी चुनौती है। रिटेल हेल्थ पॉलिसी पर अनिवार्य 10% को-पेमेंट (Co-payment) के प्रस्ताव का काफी विरोध हो रहा है। जानकारों का कहना है कि इसके बजाय जनरल इंश्योरेंस काउंसिल (General Insurance Council) को हॉस्पिटल्स के साथ सीधे बातचीत करके बिलिंग को स्टैंडर्डाइज करना चाहिए। निवेशकों को आने वाले समय में रेगुलेटरी निर्देशों पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि कंपनियों का मुनाफा इस बात पर निर्भर करेगा कि वे बढ़ती कंप्लायंस लागत को कैसे मैनेज करती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.