दिल्ली के एक व्यवसायी ने फर्जी लोन के जाल में फंसकर गंवाए **₹1.9 लाख** वापस पा लिए हैं। जालसाज अक्सर सस्ते लोन का लालच देकर इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने का झांसा देते हैं। IRDAI के Bima Bharosa पोर्टल की मदद से आप भी ऐसी धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
दिल्ली के एक व्यवसायी के साथ एक बेहद शातिर वित्तीय धोखाधड़ी हुई, जिसमें उन्हें ₹16 लाख का ओवरड्राफ्ट लोन 6.5% की सस्ती दर पर देने का वादा किया गया था। लोन अप्रूव कराने के नाम पर जालसाजों ने उनसे Star Union Dai-ichi Life Insurance की एक पॉलिसी खरीदी और ₹1.9 लाख का प्रीमियम भरवा लिया। पैसे मिलते ही जालसाज गायब हो गए।
धोखाधड़ी का जाल
यह मामला 'टाइड सेलिंग' (Tied Selling) का एक उदाहरण है, जहां अपराधी जल्दी लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों को बेकार के फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स बेच देते हैं। जालसाजों ने WhatsApp पर बड़ी कंपनियों के लोगो लगाकर खुद को बैंक अधिकारी बताया ताकि पीड़ित का शक दूर हो सके। याद रखें, कोई भी बैंक लोन देने के लिए किसी थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस पॉलिसी को अनिवार्य नहीं बनाता है।
IRDAI के जरिए कैसे मिली राहत?
जब पीड़ित ने सीधे कंपनी से रिफंड मांगा, तो उनका दावा यह कहकर खारिज कर दिया गया कि 'फ्री-लुक पीरियड' खत्म हो चुका है। इसके बाद उन्होंने IRDAI के Bima Bharosa पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। यह सरकारी रेगुलेटरी प्लेटफॉर्म इंश्योरेंस कंपनियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने का सबसे सटीक जरिया है। रेगुलेटर के दखल के बाद, पूरे मामले की जांच हुई और पीड़ित को उनका पूरा पैसा वापस मिल गया।
खुद को सुरक्षित कैसे रखें?
डिजिटल ट्रांजेक्शन करते समय बेहद सतर्क रहें। किसी भी अनजान कॉलर को OTP या निजी जानकारी न दें। यदि कोई लोन के बदले एडवांस पेमेंट मांगे, तो उसे तुरंत नजरअंदाज करें। किसी भी ऑफर को सीधे बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या ब्रांच पर जाकर वेरिफाई करें। विवाद होने पर बैंक के आधिकारिक ग्रीवांस रेड्रेसल सिस्टम या Bima Bharosa पोर्टल का उपयोग करना ही सबसे सुरक्षित रास्ता है।
