संस्थागत निवेशकों का एक्शन: कहाँ लगाया पैसा?
यह ट्रेडिंग सेशन संस्थागत निवेशकों के दमदार एक्शन के लिए याद किया जाएगा। Goldman Sachs ने Aye Finance में निवेश बढ़ाते हुए 0.7% अतिरिक्त इक्विटी खरीदी, जिसमें 16.80 लाख शेयर ₹128.11 प्रति शेयर के भाव से खरीदे गए। इस डील का मूल्य ₹21.5 करोड़ रहा। इस भारी निवेश के बावजूद, Aye Finance के शेयर 0.07% की मामूली गिरावट के साथ ₹128.91 पर बंद हुए।
दूसरी ओर, Engineers India (EIL) के शेयरों में 12.37% की जोरदार तेजी देखी गई और शेयर ₹226.62 के स्तर पर पहुँचे, जो जुलाई 2025 के बाद का उच्चतम स्तर है। इस उछाल की एक बड़ी वजह BofA Securities Europe SA की भारी खरीदारी रही, जिन्होंने 45.97 लाख शेयर, यानी 0.81% हिस्सेदारी, ₹217.06 प्रति शेयर के भाव से ₹99.8 करोड़ में खरीदे। यह EIL के प्रोजेक्ट्स और भविष्य की आय को लेकर संस्थागत विश्वास का एक मज़बूत संकेत है।
Easy Trip Planners ने भी निवेशकों को चौंकाया, शेयर लगभग 20% उछलकर ₹7.92 पर पहुँचे। Craft Emerging Market Fund PCC ने 2 करोड़ शेयर, यानी 0.5% हिस्सेदारी, ₹6.77 प्रति शेयर के भाव से ₹13.54 करोड़ में खरीदी। यह कदम ट्रैवल सेक्टर में रिकवरी की उम्मीदों को दर्शाता है।
Vardhman Polytex के शेयरों में 7% की बढ़त के साथ ₹7.93 का स्तर देखा गया। Pine Oak Global Fund ने 1 करोड़ शेयर ( 2.17% हिस्सेदारी) ₹7.40 प्रति शेयर के भाव से ₹7.4 करोड़ में खरीदे। हालाँकि, इसी बीच Ekjot Singh Chawla ने 1.1 करोड़ शेयर ( 2.39% हिस्सेदारी) बेच दिए, जिससे इस स्टॉक पर मिली-जुली भावनाएं नज़र आईं।
सेक्टर पर क्या होगा असर?
ये बड़ी डील्स (Bulk Deals) साफ तौर पर संकेत देती हैं कि बड़े निवेशक अलग-अलग सेक्टरों में मौके तलाश रहे हैं।
- NBFC सेक्टर: Aye Finance में Goldman Sachs का निवेश दर्शाता है कि भले ही यह सेक्टर कुछ चुनौतियों का सामना कर रहा हो, बड़े फंड्स इसमें वैल्यू देख रहे हैं।
- EPC सेक्टर: EIL में BofA Securities की एंट्री बताती है कि इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी खर्चों से जुड़े प्रोजेक्ट्स में तेजी की उम्मीद है, जिससे EIL जैसी कंपनियों को फायदा हो सकता है।
- ट्रैवल सेक्टर: Easy Trip Planners में निवेश इस बात का संकेत है कि कोविड के बाद सामान्य हो रही यात्राओं से इस सेक्टर के रिवाइव होने की उम्मीद है।
- टेक्सटाइल सेक्टर: Vardhman Polytex में एक तरफ खरीदारी और दूसरी तरफ बिकवाली, यह दर्शाता है कि टेक्सटाइल सेक्टर में अभी भी कुछ अनिश्चितताएं और मौके दोनों मौजूद हैं।
कुल मिलाकर, इन डील्स से पता चलता है कि संस्थागत निवेशक बाज़ार की बड़ी तस्वीर को देखकर चुनिंदा स्टॉक्स और सेक्टर्स में निवेश कर रहे हैं, जो भविष्य में बाज़ार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।