Infosys पर AI का साया? बाज़ार चढ़ा, IT शेयर गिरे!

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AuthorMehul Desai|Published at:
Infosys पर AI का साया? बाज़ार चढ़ा, IT शेयर गिरे!
Overview

भारतीय शेयर बाज़ारों में शुक्रवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जहाँ ग्लोबल संकेतों के दम पर बाज़ार चढ़ा, वहीं IT कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई, खासकर Infosys के शेयर पर दबाव दिखा। इसकी मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण इंडस्ट्री में आने वाले बदलावों का डर और क्लाइंट्स की ओर से खर्च में कटौती है।

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बाज़ार में आई बड़ी दरार: IT बनाम फाइनेंशल

शुक्रवार को भारतीय बाज़ारों में ग्लोबल सेंटीमेंट के दम पर अच्छी शुरुआत हुई। प्रमुख सूचकांक S&P BSE Sensex 442.82 अंक और NSE Nifty50 144.95 अंक ऊपर खुले। ऑटो, फाइनेंशल और बैंकिंग जैसे सेक्टर्स में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। लेकिन, इस तेजी का फायदा टेक्नोलॉजी सेक्टर को नहीं मिला। Infosys जैसी बड़ी IT कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई, जिसने Nifty IT इंडेक्स को भी नीचे खींचा। यह एक साफ संकेत है कि निवेशक अब टेक्नोलॉजी स्टॉक्स की जगह साइक्लिकल स्टॉक्स को ज़्यादा पसंद कर रहे हैं।

AI का डबल रोल: अवसर या खतरा?

Infosys का मौजूदा P/E रेश्यो पिछले बारह महीनों की कमाई के मुकाबले लगभग 17 से 19.5 गुना है, जो फिलहाल 17.4x के स्तर पर है। यह वैल्यूएशन Tata Consultancy Services (TCS) के 19.31x P/E और HCL Technologies के 20.9x P/E के मुकाबले काफी हद तक प्रतिस्पर्धी माना जा सकता है।

इसके बावजूद, भारतीय IT सेक्टर एक बड़े बदलाव के दौर से गुज़र रहा है। अनुमान है कि 31 मार्च 2026 तक सेक्टर का रेवेन्यू $300 बिलियन के पार निकल जाएगा और 2026 तक IT पर कुल खर्च $176.3 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। AI इसमें एक मुख्य ग्रोथ फैक्टर है, जिससे मौजूदा समय में $10-$12 बिलियन का योगदान मिल रहा है और भविष्य में इसमें भारी वृद्धि की संभावना है।

हालांकि, चिंता इस बात की है कि AI के बढ़ते कदम पारंपरिक IT सर्विस मॉडल को बाधित कर सकते हैं और कई कामों को ऑटोमेट कर सकते हैं, जिसका असर रेवेन्यू और नौकरियों पर पड़ सकता है। क्लाइंट्स की ओर से मांग में नरमी और खर्चों में कटौती भी IT कंपनियों के डील्स और निकट भविष्य के रेवेन्यू पर असर डाल रही है।

Infosys की राह में चुनौतियाँ

पिछले एक साल में Infosys के शेयर में लगभग 4.1% और पिछले छह महीनों में 10.9% की गिरावट आई है, और यह अप्रैल की शुरुआत में लगभग ₹1,318 पर कारोबार कर रहा था। हालिया नतीजों में कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल घटा है और कांस्टेंट करेंसी रेवेन्यू में 3.5% की गिरावट देखी गई है, साथ ही ऑपरेटिंग मार्जिन में भी थोड़ी कमी आई है।

फिलहाल, ज़्यादातर एनालिस्ट Infosys के लिए 'होल्ड' रेटिंग दे रहे हैं, जिनके अनुसार अगले बारह महीनों में शेयर में मामूली बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि, IT सेक्टर का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि वे AI के प्रभाव को कितनी कुशलता से मैनेज करते हैं और मांग में वास्तविक रिकवरी दिखाते हैं। Infosys के आने वाले तिमाही नतीजे, जो 23 अप्रैल 2026 को आने वाले हैं, निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होंगे। कंपनी के FY27 के अनुमान और बदलते टेक परिदृश्य के लिए उसकी AI रणनीति पर खास नजर रहेगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.