InfinityDAO का बड़ा दांव: IDL इकोसिस्टम के लिए **$1 अरब** का इंश्योरेंस!

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AuthorMehul Desai|Published at:
InfinityDAO का बड़ा दांव: IDL इकोसिस्टम के लिए **$1 अरब** का इंश्योरेंस!

डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस (DeFi) इकोसिस्टम InfinityDAO, अपने IDL टोकन के लिए **$1 अरब** का एग्रीगेट इंश्योरेंस प्रोग्राम लेने की तैयारी में है। इसका मकसद प्लेटफॉर्म डिफॉल्ट और डिजिटल चोरी जैसे रिस्क को कवर करना है। हालांकि, निवेशकों को समझना होगा कि यह कोई भारतीय स्टॉक नहीं है और इंश्योरेंस से टोकन की कीमत या निवेश पर रिटर्न की गारंटी नहीं मिलती।

InfinityDAO का बड़ा कदम

डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस (DeFi) की दुनिया में InfinityDAO, जो IDL टोकन के पीछे काम कर रही है, ने एक बड़ा कदम उठाया है। यह कंपनी $1 अरब तक के एग्रीगेट इंश्योरेंस प्रोग्राम को सुरक्षित करने की कोशिश कर रही है। इस डील को यूके (United Kingdom) के एक खास क्रिप्टो इंश्योरेंस सिंडिकेट की मदद से पूरा किया जा रहा है। इस इंश्योरेंस का मकसद पांच मुख्य रिस्क को कवर करना है, जिनमें टोकन डिफॉल्ट, प्लेटफॉर्म डिफॉल्ट, डिजिटल एसेट की चोरी, डायरेक्टर्स और ऑफिसर्स की देनदारी, और इकोसिस्टम से जुड़े अन्य जोखिम शामिल हैं।

भारतीय निवेशकों के लिए खास जानकारी

भारत में निवेश करने वालों के लिए यह समझना बहुत ज़रूरी है कि InfinityDAO और इसका IDL टोकन डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस (DeFi) सेक्टर का हिस्सा हैं। InfinityDAO, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) या बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड कंपनी नहीं है। इसलिए, IDL टोकन का कामकाज इक्विटी शेयर्स से बिल्कुल अलग है। यहां निवेशकों को सेबी (SEBI) द्वारा लिस्टेड भारतीय कंपनियों के लिए तय किए गए रेगुलेटरी प्रोटेक्शन और डिस्क्लोजर की वैसी सुरक्षा नहीं मिलती जैसी मिलती है।

इंश्योरेंस में क्या-क्या शामिल होगा?

डिजिटल एसेट इकोसिस्टम के लिए, इंश्योरेंस एक रिस्क मैनेजमेंट टूल का काम करता है। यह खास ऑपरेशनल जोखिमों को प्रोफेशनल इंश्योरेंस मार्केट में ट्रांसफर करता है। इस प्रोग्राम का फोकस टेक्निकल और कस्टडी से जुड़े रिस्क पर है, जैसे साइबर अटैक, धोखाधड़ी या प्लेटफॉर्म का फेल होना। इन खास जोखिमों को बाहरी इंश्योरर को ट्रांसफर करके, InfinityDAO अपनी ऑपरेशनल स्ट्रक्चर को उन स्टैंडर्ड्स के करीब लाना चाहती है, जिनकी उम्मीद इंस्टीट्यूशनल पार्टिसिपेंट्स करते हैं।

लेकिन, निवेशकों को ऑपरेशनल इंश्योरेंस और इन्वेस्टमेंट सेफ्टी के बीच का अंतर समझना चाहिए। यह इंश्योरेंस प्रोग्राम IDL टोकन की मार्केट प्राइस, लिक्विडिटी या भविष्य के निवेश रिटर्न की कोई गारंटी नहीं देता। यह मार्केट वोलेटिलिटी से भी नहीं बचाता, जो डिजिटल एसेट्स में आम बात है। यह पॉलिसी खास कॉन्ट्रैक्टुअल कंडीशंस पर ही लागू होगी, जैसे कि वेरिफाइड चोरी या प्लेटफॉर्म का डिफॉल्ट, और मार्केट प्राइस में उतार-चढ़ाव से होने वाले फाइनेंशियल लॉस से सुरक्षा प्रदान नहीं करती।

जोखिम और पॉलिसी की सीमाएं

हालांकि, एक क्रिप्टो इकोसिस्टम के लिए $1 अरब की इंश्योरेंस लिमिट एक बड़ा कदम है, लेकिन असल सुरक्षा पूरी तरह से फाइनल अंडरराइटिंग टर्म्स पर निर्भर करेगी। इन पॉलिसियों में अक्सर जटिल एक्सक्लूजन, डिडक्टिबल्स और ऐसी कंडीशंस होती हैं, जो तय करती हैं कि कोई क्लेम मान्य है या नहीं। $1 अरब का आंकड़ा एक एग्रीगेट इंश्योर्ड लिमिट को दर्शाता है, जो कि खास कंडीशंस में इंश्योरर द्वारा भुगतान की जाने वाली अधिकतम राशि है, न कि हर तरह के लॉस की भरपाई के लिए उपलब्ध फंड।

इसके अलावा, यह दावा कि IDL दुनिया का 14वां इंश्योर्ड टोकन बन सकता है, यह प्रोजेक्ट का अपना आंकलन है और इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। किसी भी क्रिप्टो निवेश की तरह, इसमें टेक्नोलॉजी की खामियों, रेगुलेटरी अनिश्चितता और हाई वोलेटिलिटी जैसे जोखिम शामिल हैं। निवेशकों को इंश्योरेंस अंडरराइटिंग के फाइनल होने और पॉलिसी के स्पेसिफिक टर्म्स और एक्सक्लूजन से जुड़ी किसी भी डिस्क्लोजर पर नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि वही इकोसिस्टम को मिलने वाली असल सुरक्षा का स्तर तय करेंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.