IndusInd Bank ने FY27 के लिए Microfinance सेगमेंट में **15-20%** की ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। Bharat Financial Inclusion Ltd के जरिए कामकाज को पटरी पर लाने की कोशिश के बीच, निवेशकों की नजर बैंक की रिकवरी और नई रेगुलेटरी चुनौतियों पर टिकी है।
ग्रोथ की नई राह
IndusInd Bank ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो के लिए 15-20% ग्रोथ का आक्रामक टारगेट सेट किया है। बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO राजीव आनंद ने स्पष्ट किया है कि उनकी सब्सिडियरी कंपनी Bharat Financial Inclusion Ltd (BFIL) में ऑपरेशंस अब स्टेबल हो रहे हैं। उम्मीद है कि दूसरी तिमाही से डिसबर्समेंट का स्तर सामान्य हो जाएगा।
पुरानी चुनौतियों से रिकवरी
यह ग्रोथ का दांव ऐसे समय में लगाया गया है जब बैंक गवर्नेंस और अकाउंटिंग से जुड़ी मुश्किलों से उबर रहा है। वित्त वर्ष 2025 के दौरान बैंक को ₹674 करोड़ का इंटरेस्ट रिवर्जन करना पड़ा था और ₹172 करोड़ की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ था। इन झटकों के बाद बैंक ने अपने इंटरनल रिस्क मैनेजमेंट को दुरुस्त किया है। फिलहाल शेयर ₹1,008.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो रिकवरी के प्रति निवेशकों के मिले-जुले रुझान को दिखाता है।
मजबूत वित्तीय स्थिति और रेगुलेटरी बदलाव
30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही में बैंक का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट सालाना आधार पर 72% उछलकर ₹1,037 करोड़ रहा है। 'Bharat Superstore' पहल ने भी कारोबार को सहारा दिया है। हालांकि, 1 अप्रैल, 2027 से लागू होने वाले नए Expected Credit Loss (ECL) नियम बैंक के लिए एक चुनौती बन सकते हैं। बैंक का अनुमान है कि इससे एसेट्स पर 1-1.5% का असर पड़ सकता है, लेकिन 16.1% का CET1 रेशियो बैंक के पास पर्याप्त बफर प्रदान करता है।
निवेशकों के लिए अब माइक्रोफाइनेंस रिकवरी की रफ्तार और मार्जिन की स्थिरता सबसे महत्वपूर्ण पैमाना होगी।
