IndusInd Bank का बड़ा दांव! Piramal के दिग्गज अब कंज्यूमर फाइनेंस को देंगे रफ्तार

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
IndusInd Bank का बड़ा दांव! Piramal के दिग्गज अब कंज्यूमर फाइनेंस को देंगे रफ्तार
Overview

इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) ने अपनी कंज्यूमर फाइनेंस (Consumer Finance) यूनिट को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बैंक ने Piramal Finance के पूर्व CEO, जगदीप मलारेड्डी (Jagdeep Mallareddy) को अपने कंज्यूमर फाइनेंस बिजनेस का नया हेड नियुक्त किया है।

रिटेल पर फोकस, लीडरशिप में बड़ा फेरबदल

यह नियुक्ति बैंक के रिटेल बैंकिंग (Retail Banking) सेगमेंट में ग्रोथ की मंशा को साफ दिखाती है। CEO राजीव आनंद ने जगदीप मलारेड्डी को खुद चुना है, जो बैंक के लिए कंज्यूमर फाइनेंस के 'एसेट' और 'लायबिलिटी' दोनों पक्षों को संभालने के साथ-साथ रिटेल बैंकिंग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का काम करेंगे। माना जा रहा है कि भविष्य में वे रिटेल बैंकिंग के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (Executive Director) भी बन सकते हैं।

गड़बड़ियों के बीच ग्रोथ की उम्मीद

जगदीप मलारेड्डी, जो पहले एक्सिस बैंक (Axis Bank) में राजीव आनंद के साथ काम कर चुके हैं, का आना बैंक की लीडरशिप टीम को मजबूत करने की कवायद का हिस्सा है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब इंडसइंड बैंक हाल ही में अपनी अकाउंटिंग में गड़बड़ियों (Accounting Discrepancies) के कारण ₹1,900 करोड़ (लगभग $230 मिलियन) के बड़े झटके से उबरने की कोशिश कर रहा है। इन गड़बड़ियों के चलते अप्रैल 2025 में पूर्व CEO और डिप्टी CEO को इस्तीफा देना पड़ा था। इन सब के चलते बैंक के शेयरों में पिछले एक साल में 10% की गिरावट आई, जिससे यह प्राइवेट बैंकों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला स्टॉक बन गया। हालांकि, भारतीय रिटेल बैंकिंग सेक्टर भविष्य में जोरदार ग्रोथ की ओर बढ़ रहा है, जिसके 2033 तक 216.2 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो 7.5% की सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़ेगा।

नई टीम, नई रणनीति

अगस्त से अब तक, CEO राजीव आनंद ने कई वरिष्ठ पदों पर नियुक्तियां की हैं, जिनमें चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर (CHRO), माइक्रोफाइनेंस बिजनेस CEO, चीफ डेटा ऑफिसर (CDO) और होलसेल बैंकिंग हेड शामिल हैं। मलारेड्डी का आगमन इस उभरती हुई लीडरशिप स्ट्रक्चर में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। रिटेल लेंडिंग में उनकी विशेषज्ञता से बैंक के एसेट ग्रोथ और डिपॉजिट बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि, हालिया तिमाही नतीजों में अकाउंटिंग एडजस्टमेंट के कारण मुनाफे में गिरावट और एनपीए (NPA) बढ़ने की खबरें आई थीं, लेकिन अब सारा ध्यान नई लीडरशिप के तहत परफॉरमेंस पर है। बैंक का मार्केट कैप (Market Capitalization) फिलहाल लगभग ₹70,000 करोड़ है, जो निवेशकों की नजरों में बैंक की स्थिति को दर्शाता है। इस रिटेल पुश की सफलता इंडसइंड बैंक के सतत विकास (Sustainable Growth) और बेहतर गवर्नेंस (Governance) पर नए सिरे से फोकस को साबित करेगी।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.