IndusInd Bank Q2 Results: डिपॉजिट मिक्स बदलने से NIM पर दबाव, जानिए क्या हैं तिमाही के आंकड़े

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
IndusInd Bank Q2 Results: डिपॉजिट मिक्स बदलने से NIM पर दबाव, जानिए क्या हैं तिमाही के आंकड़े

IndusInd Bank ने दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) **0.87%** और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) **3.23%** रहा है। बैंक इस समय अपनी फंडिंग स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव कर रहा है, जिसके चलते मार्जिन पर शॉर्ट-टर्म दबाव देखने को मिला है।

फंडिंग स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव

IndusInd Bank इस समय अपने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए एक बड़ी रणनीतिक शिफ्ट के दौर से गुजर रहा है। बैंक ने अपनी महंगी होलसेल फंडिंग पर निर्भरता कम करने के लिए FCNR (फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट) डिपॉजिट्स का सहारा लिया है। बैंक ने ₹33,627 करोड़ के FCNR डिपॉजिट जुटाए हैं। इसका असर यह हुआ है कि सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CDs) का एक्सपोजर पहले के 5.9% से घटकर अब 3.3% रह गया है। हालांकि, इन विदेशी फंड्स की लागत के कारण मार्जिन पर थोड़ा दबाव जरूर दिखा है।

एसेट क्वालिटी और रिकवरी

बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार के संकेत साफ दिख रहे हैं। फ्रेश बैड लोंस यानी ग्रॉस स्लिपेज घटकर 1.8% रह गई है, जबकि नेट स्लिपेज गिरकर 1.1% पर आ गई है। साथ ही, संभावित नुकसान के लिए बैंक द्वारा रखा जाने वाला क्रेडिट कॉस्ट भी घटकर 1.4% हो गया है। इसके अलावा, नॉन-इंटरेस्ट इनकम में तिमाही-दर-तिमाही 26% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो ट्रेजरी गेन्स और फीस से आई है।

भविष्य की राह: क्या है मैनेजमेंट का प्लान?

बैंक अब पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड जैसे अनसिक्योर्ड लोन के बजाय मॉर्गेज और बिजनेस बैंकिंग जैसे सुरक्षित एसेट्स पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। मैनेजमेंट का लक्ष्य चौथी तिमाही तक RoA को 1% तक पहुंचाना है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि बैंक अपने रिटेल डिपॉजिट बेस को कैसे मजबूत करता है और सुरक्षित लोन पोर्टफोलियो के साथ ग्रोथ को कैसे बनाए रखता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.