IndusInd Bank ने सितंबर तिमाही के लिए **₹1,176 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। बैड लोन के लिए रखे जाने वाले फंड में भारी कमी से मुनाफे को सहारा मिला है।
मुनाफे का गणित
IndusInd Bank ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में ₹1,176 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट हासिल किया है। इस बार कंपनी के मुनाफे में प्रोविजनिंग (Provisions) का बड़ा योगदान है। बैंक ने बैड लोन के लिए अलग रखी जाने वाली राशि में 53% की कटौती की है, जिससे यह ₹1,216 करोड़ पर आ गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹2,622.38 करोड़ थी।
आय के मोर्चे पर मिली-जुली तस्वीर
बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) सालाना आधार पर 3.6% बढ़कर ₹4,569.5 करोड़ रही। हालांकि, पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 2.46% की मामूली गिरावट दिखी। बैंक ने अपनी कमाई को संभालने के लिए नॉन-इंटरेस्ट इनकम का सहारा लिया, जिसमें 36.3% का उछाल देखा गया और यह ₹2,246.8 करोड़ पर पहुंच गई।
नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) और चुनौती
निवेशकों के लिए एक चिंता का विषय नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) है, जो पिछले साल के मुकाबले 9 बेसिस पॉइंट्स घटकर 3.23% पर आ गया है। बढ़ती डिपॉजिट कॉस्ट इसका मुख्य कारण है। बैंक ने $3.5 बिलियन के फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट अकाउंट (FCNR) इनफ्लो को मैनेज किया है, जिसने डिपॉजिट बेस तो बढ़ाया लेकिन कॉस्ट ऑफ फंड्स पर दबाव डाल दिया।
एसेट क्वालिटी में सुधार
बैंक के एसेट क्वालिटी चार्ट में बेहतर प्रदर्शन दिखा है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) जो पिछले साल 3.6% थे, अब घटकर 2.73% पर आ गए हैं। वहीं, नेट NPA 0.83% पर स्थिर है। भविष्य में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि बैंक लोन ग्रोथ (14.95% बढ़कर ₹3.63 लाख करोड़) और मार्जिन के दबाव के बीच बैलेंस कैसे बनाता है।
