IndusInd Bank ने सितंबर तिमाही के प्रोविजनल आंकड़े जारी किए हैं। बैंक का एडवांस **11.2%** बढ़कर **₹3.62 लाख करोड़** पहुंच गया है, लेकिन CASA रेश्यो घटकर **28%** पर आ गया है, जो मुनाफे पर दबाव डाल सकता है।
बिजनेस अपडेट के मुख्य आंकड़े
सितंबर तिमाही के प्रोविजनल अपडेट के मुताबिक, IndusInd Bank का कुल डिपॉजिट 10.1% बढ़कर ₹4.29 लाख करोड़ रहा। कारोबार में यह मजबूती दिखाती है कि बैंक अपनी लोन बुक को आक्रामक तरीके से बढ़ा रहा है।
CASA में गिरावट का रिस्क
बैंक के लिए सबसे बड़ी चुनौती CASA रेश्यो का गिरना है। जून तिमाही में यह 29.4% था, जो अब घटकर 28% पर आ गया है। आसान शब्दों में समझें तो, ग्राहक अब बचत खातों की जगह फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) जैसे महंगे विकल्पों की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। इससे बैंक की लागत बढ़ती है और नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।
लिक्विडिटी का मैनेजमेंट
पूंजी की स्थिति को मजबूत करने के लिए, बैंक ने Reserve Bank of India (RBI) की फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट डिपॉजिट स्वैप फैसिलिटी का सहारा लिया। इसके जरिए बैंक ने $3.51 बिलियन (लगभग ₹33,627 करोड़) जुटाए हैं, जो फंड जुटाने के विविध स्रोतों की ओर बैंक का झुकाव दिखाता है।
आगे क्या?
निवेशकों की नजरें अब 23 अक्टूबर, 2026 पर टिकी हैं, जब बैंक की बोर्ड मीटिंग में आधिकारिक नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। यह रिपोर्ट एसेट क्वालिटी और मार्जिन्स की असली तस्वीर साफ करेगी।
