IndusInd Bank ने 2027 के फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में **₹10 अरब** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछली तिमाही की तुलना में **3%** की ग्रोथ दिखाता है, लेकिन यह ग्रोथ मेनली होलसेल सेगमेंट से आई है। बैंक के लिए चिंता की बात यह है कि रिटेल और SME सेगमेंट में सुस्ती बनी हुई है, और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) घटकर **3.35%** हो गया है।
Detailed Coverage
होलसेल बैंकिंग का जलवा, रिटेल में फिसड्डी
IndusInd Bank के लिए 2027 के फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे। बैंक ने कुल ₹10 अरब का नेट प्रॉफिट कमाया, जो एनालिस्ट्स की उम्मीदों से बेहतर है। यह पिछले पांच तिमाहियों में पहली बार है जब बैंक ने 3% की क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर ग्रोथ दर्ज की है। लेकिन, इस ग्रोथ का ज्यादातर श्रेय होलसेल बैंकिंग सेगमेंट को जाता है, जिसमें 11% की तेजी देखी गई। वहीं, रिटेल बैंकिंग और स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज (SME) सेगमेंट में कोई खास ग्रोथ नहीं हुई, बल्कि SME सेगमेंट में गिरावट दर्ज की गई।
मार्जिन पर दबाव और डिपॉजिट्स का हाल
सेगमेंट की इस मिली-जुली परफॉरमेंस का असर बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर भी पड़ा, जो 4 बेसिस पॉइंट गिरकर 3.35% पर आ गया। इसकी वजह से नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में पिछली तिमाही की तुलना में सिर्फ 1% की ही ग्रोथ देखने को मिली।
डिपॉजिट्स की बात करें तो रिटेल डिपॉजिट्स में 4% की बढ़ोतरी हुई, लेकिन बैंक के करंट अकाउंट और सेविंग अकाउंट (CASA) रेशियो में 2% की गिरावट आई है, जो कि बैंक के लिए सस्ते फंड का एक अहम जरिया है। रिटेल फी इनकम में भी कमी देखी गई, जो रिटेल सर्विसेज में कम एक्टिविटी या कम मार्जिन का संकेत दे रहा है।
एसेट क्वालिटी और कैपिटल पोजीशन
अच्छी खबर यह है कि बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार के संकेत मिले हैं। नए लोन डिफॉल्ट (slippages) घटकर 2% पर आ गए, जिसका कारण मैनेजमेंट ने माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो में सुधार बताया है। व्हीकल लोन डिफॉल्ट में थोड़ी बढ़ोतरी के बावजूद, प्रोविजन कवरेज रेशियो और नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) जैसे मुख्य इंडिकेटर्स पिछले पीरियड के मुकाबले स्थिर रहे। बैंक की कैपिटल पोजीशन भी मजबूत है, कॉमन इक्विटी टियर 1 (CET1) रेशियो 16% से ऊपर बना हुआ है।
आगे की राह
बैंक ने 2027 के फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने गाइडेंस को दोहराया है, जिसमें इंडस्ट्री के औसत के अनुरूप ग्रोथ और साल के अंत तक 1% रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) हासिल करने का लक्ष्य है। नतीजों के बाद, कई ब्रोकरेज फर्मों ने FY27 और FY28 के लिए अर्निंग्स पर शेयर (EPS) अनुमानों को 6% तक बढ़ाया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि बैंक रिटेल और SME ग्रोथ को कैसे रफ्तार देता है, अपने इंटरेस्ट मार्जिन को कैसे स्थिर करता है, और CASA डिपॉजिट बेस को कैसे मजबूत करता है।
