IndusInd Bank ने एक नया कॉर्पोरेट क्रेडिट कार्ड पेश किया है, जो सीधे बिजनेस ओवरड्राफ्ट (OD) और कैश क्रेडिट (CC) अकाउंट्स से जुड़ा होगा। इस पहल का मकसद MSMEs के लिए खर्चों का प्रबंधन आसान बनाना है। खबर के बीच बैंक का शेयर आज करीब **1.73%** गिरकर **₹976.20** पर ट्रेड कर रहा है।
कैश फ्लो मैनेजमेंट में नई क्रांति
IndusInd Bank ने PropelGo Technologies के साथ मिलकर यह खास कार्ड तैयार किया है। इस कार्ड की खासियत यह है कि यह RuPay, Mastercard और Visa जैसे बड़े पेमेंट नेटवर्क पर काम करेगा। इसके जरिए कंपनियां अब अपनी पहले से मंजूर वर्किंग कैपिटल लिमिट से ही रोजमर्रा के खर्च कर सकेंगी, जिससे अलग से क्रेडिट कार्ड बिल और रीपेमेंट साइकिल मैनेज करने का झंझट खत्म हो जाएगा।
डिजिटल इकोसिस्टम पर फोकस
बैंक का यह कदम कॉर्पोरेट क्लाइंट्स के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने की एक बड़ी रणनीति है। एक डिजिटल डैशबोर्ड के जरिए कंपनियां ट्रांजैक्शन लिमिट को रियल-टाइम में कंट्रोल कर सकेंगी। यह MSMEs के लिए ऑपरेशनल कॉस्ट और अकाउंटिंग के काम को काफी हद तक आसान बना सकता है।
निवेशकों के लिए चेतावनी और जोखिम
हालांकि, यह मॉडल सुविधा तो देता है, लेकिन निवेशकों को इसमें छिपे रिस्क को भी समझना होगा। क्रेडिट कार्ड खर्चों को वर्किंग कैपिटल के साथ जोड़ने से क्रेडिट रिस्क बढ़ जाता है। यदि कोई कंपनी कार्ड के जरिए अपनी लिमिट का ज्यादा इस्तेमाल करती है, तो इन्वेंट्री खरीदने या सैलरी देने जैसे जरूरी काम के लिए लिक्विडिटी का संकट खड़ा हो सकता है। इसके अलावा, डिजिटल पेमेंट होने के कारण साइबर फ्रॉड का खतरा हमेशा बना रहता है।
फिलहाल, मार्केट की नजर इस बात पर है कि बैंक का यह प्रोडक्ट कॉर्पोरेट सेक्टर में कितना सफल होता है और बैंक अपनी एसेट क्वालिटी को कैसे मैनेज करता है।
