IndusInd Bank ने भारत में बढ़ते 2,117 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के लिए एक डेडिकेटेड बैंकिंग वर्टिकल लॉन्च किया है। बैंक कॉर्पोरेट ट्रेजरी और रिटेल बैंकिंग को एक साथ लाकर इस बड़े मार्केट को टारगेट कर रहा है, हालांकि सोमवार को बैंक का शेयर **1.32%** गिरकर **₹900.50** पर बंद हुआ।
नई रणनीति से क्या बदलेगा?
IndusInd Bank का फोकस अब सामान्य कॉर्पोरेट बैंकिंग से हटकर GCCs के लिए कस्टमाइज्ड सर्विस देने पर है। साल 2021 के मुकाबले इन हब्स की संख्या में 32% की बढ़ोतरी हुई है, जो अब बढ़कर 2,117 हो गई है। बैंक इन सेंटर्स को फॉरेन करेंसी अकाउंट्स, पेरोल प्रोसेसिंग और रेगुलेटरी कंप्लायंस जैसी सुविधाएं देगा। इसके लिए बैंक अपनी GIFT City स्थित इंटरनेशनल बैंकिंग यूनिट का पूरा इस्तेमाल करेगा।
कॉम्पिटिशन और चुनौतियां
बैंक का यह दांव काफी बड़ा है, लेकिन राह आसान नहीं है। ज्यादातर GCCs पहले से ही बड़े ग्लोबल और लोकल बैंकों के साथ जुड़े हुए हैं। IndusInd Bank की कामयाबी इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने डिजिटल प्रोसेस और बेहतर एडवाइजरी के दम पर इन बड़े प्लेयर्स को कितनी जल्दी रिप्लेस कर पाता है। लंबे समय में यह कदम बैंक की 'फी-बेस्ड इनकम' (Fee-based income) बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है।
बाजार की चाल
रणनीतिक ऐलान के बावजूद बाजार ने सोमवार को सुस्ती दिखाई। BSE पर बैंक का शेयर 1.32% फिसलकर ₹900.50 पर बंद हुआ। निवेशकों के लिए अब देखने वाली बात यह होगी कि बैंक कितनी तेजी से इन नए कॉर्पोरेट क्लाइंट्स को जोड़ पाता है और इसका असर बैलेंस शीट पर कब तक दिखता है।
