नतीजों का पलटवार: मुनाफे में लौटी बैंक
IndusInd Bank ने मार्च तिमाही के शानदार नतीजों के साथ अपनी प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) को वापस पा लिया है। बैंक ने इस तिमाही में ₹533 करोड़ का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि में दर्ज ₹2,236 करोड़ के भारी नुकसान के मुकाबले एक बड़ा पलटवार है। पिछले फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) में अकाउंटिंग मुद्दों (Accounting Issues) के चलते हुए नुकसान के बाद यह बैंक के लिए एक बड़ी वापसी है।
लीडरशिप में बड़े बदलाव
इस वित्तीय मोर्चे पर सफलता के साथ-साथ, बैंक ने अपनी टॉप लीडरशिप में भी अहम बदलाव किए हैं। गणेश शंकरन, जो होलसेल बैंकिंग (Wholesale Banking) के प्रमुख हैं, और जगदीप मल्लारेड्डी, कंज्यूमर बैंकिंग (Consumer Banking) के हेड, को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (ED) के पदों पर प्रमोट किया गया है। इन नियुक्तियों को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलनी बाकी है। बैंक का कहना है कि यह कदम बोर्ड की निगरानी को बैंक की विभिन्न व्यावसायिक इकाइयों के साथ बेहतर ढंग से जोड़ने के लिए उठाया गया है, जो बड़े प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के गवर्नेंस मॉडल (Governance Model) से प्रेरित है।
कंप्लायंस पर फोकस
इसके अलावा, सुनील कुमार सिंह को चीफ कंप्लायंस ऑफिसर (CCO) के तौर पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में आई है जब बैंकों पर रेगुलेटरी ओवरसाइट (Regulatory Oversight) लगातार बढ़ रही है, और यह बैंक की कंप्लायंस (Compliance) और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करेगी। बैंक की इस रिकवरी का श्रेय नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) के लिए कम प्रोविजनिंग (Provisioning) और एसेट क्वालिटी (Asset Quality) में समग्र सुधार को दिया जा रहा है।
