Indraprastha Gas के निवेशकों के लिए आज का दिन काफी खराब रहा। तिमाही नतीजों में कंपनी का नेट प्रॉफिट **93.5%** गिर गया है, जिसके चलते शेयर ने **52-week लो** का स्तर छू लिया है। बिक्री तो बढ़ी, लेकिन गैस की बढ़ती लागत ने मुनाफे की कमर तोड़ दी है।
मुनाफे में बड़ी गिरावट
Indraprastha Gas (IGL) के शेयरों में सोमवार को जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। शेयर 10% गिरकर ₹125.65 के नए 52-week लो पर आ गया। कंपनी के हालिया फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही के नतीजे उम्मीद से काफी खराब रहे हैं। कंपनी ने इस बार सिर्फ ₹24.38 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 93.5% कम है।
क्यों दबाव में है कंपनी?
दिलचस्प बात यह है कि कंपनी ने इस तिमाही में 26% की ग्रॉस सेल्स ग्रोथ दिखाई है और रोजाना गैस बिक्री 10 मिलियन standard cubic metres (mmscmd) के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गई है। इसके बावजूद, कंपनी मुनाफे को बचाने में नाकाम रही। ऑपरेशनल लेवल पर कंपनी को ₹31.7 करोड़ का EBITDA लॉस हुआ है, जो मार्जिन पर भारी दबाव को दर्शाता है।
इस गिरावट की मुख्य वजह नेचुरल गैस की बढ़ती खरीद लागत है। कंपनी इन बढ़ती कीमतों का बोझ पूरी तरह से ग्राहकों पर नहीं डाल पा रही है। भले ही CNG और PNG की वॉल्यूम में क्रमशः 9% और 8% की ग्रोथ हुई हो, लेकिन इनपुट कॉस्ट बढ़ने से सारा फायदा खत्म हो गया।
आगे की चुनौतियां
निवेशक अब कंपनी के लॉन्ग-टर्म फ्यूचर को लेकर भी चिंतित हैं। हालांकि CARE Ratings ने कंपनी की क्रेडिट फैसिलिटीज को बरकरार रखा है, लेकिन दिल्ली में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और नई जगहों पर विस्तार के लिए जरूरी भारी कैपिटल खर्च कंपनी के लिए मुश्किलें पैदा कर रहे हैं। इसके अलावा, कंपनी ने अपनी अर्निंग्स कॉन्फ्रेंस कॉल को 2 नवंबर से बढ़ाकर 3 नवंबर, 2026 कर दिया है। अब मार्केट को मैनेजमेंट के उस बयान का इंतजार है, जिससे यह साफ हो सके कि कंपनी प्राइसिंग और लागत को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाएगी।
