IndoStar Capital Finance: रिटेल बूस्ट से बढ़ा डिस्बर्समेंट, पर प्रॉफिट में आई गिरावट
IndoStar Capital Finance ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के लोन डिस्बर्समेंट में 20% की शानदार क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर (QoQ) बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹1,117 करोड़ पर पहुंच गया। यह पिछली तिमाही यानी Q2 FY26 के ₹927 करोड़ के मुकाबले काफी अच्छी बढ़ोतरी है। व्हीकल फाइनेंस आर्म ने इस ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई है।
प्रॉफिट में क्यों आई गिरावट?
हालांकि, इन नतीजों के बीच कंपनी के नेट प्रॉफिट में गिरावट दर्ज की गई है। यह ₹8.3 करोड़ रहा, जबकि पिछले क्वार्टर (Q2 FY26) में यह ₹10.5 करोड़ था। इस गिरावट में एक बड़ा कारण वेज कोड रेगुलेशन में बदलावों का ₹4.8 करोड़ का एकमुश्त (one-time) असर है, जिसने ऑपरेटिंग खर्चों को प्रभावित किया।
अन्य वित्तीय आंकड़े
- कंपनी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 2% बढ़कर ₹7,692 करोड़ हो गया।
- नेट इंटरेस्ट इनकम (NII), जो लेंडर की मुख्य लाभप्रदता का पैमाना है, 16.1% सालाना (YoY) बढ़कर ₹209 करोड़ पर पहुंच गई।
- डिस्बर्समेंट यील्ड 17.2% पर स्थिर रही और फंड की लागत (cost of funds) घटकर 10.3% हो गई।
एसेट क्वालिटी और बैलेंस शीट
- ग्रॉस स्टेज 3 एसेट्स 4.06% और नेट स्टेज 3 एसेट्स 1.76% पर रहे।
- कंपनी ने ₹135.73 करोड़ के स्ट्रेस्ड एसेट्स को ₹108.55 करोड़ में बेचा है।
- कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CAR) 14.4% और डेट-टू-इक्विटी (D/E) रेश्यो 1.2x पर है। मैनेजमेंट का मानना है कि कंपनी के पास भविष्य की ग्रोथ के लिए कर्ज लेने की काफी गुंजाइश है।
रणनीति और आगे की राह
IndoStar कैपिटल फाइनेंस अब रिटेल-केंद्रित ग्रोथ पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी अब मुख्य रूप से यूज्ड व्हीकल फाइनेंस (पुरानी गाड़ियों का फाइनेंस) और माइक्रो लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी (Micro LAP) जैसे सेगमेंट में विस्तार कर रही है। इसने अफोर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस बिजनेस से पूरी तरह एग्जिट कर लिया है।
मैनेजमेंट का लक्ष्य माइक्रो LAP बिजनेस को अगले फाइनेंशियल ईयर (FY27) में दोगुना करना है और यूज्ड व्हीकल सेगमेंट को ग्रोथ इंजन बनाना है। इसके लिए कंपनी फ्रंटलाइन स्टाफ में 30% की बढ़ोतरी और ब्रांच नेटवर्क के विस्तार की योजना बना रही है, जिसमें Q3 में 7 नई ब्रांचें खोली गईं।
ऐतिहासिक नियामक मुद्दे
निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि मार्च 2024 में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने IndoStar Capital Finance पर NBFCs में धोखाधड़ी की निगरानी और KYC प्रावधानों के संबंध में निर्देशों का पालन न करने के लिए ₹13.60 लाख का जुर्माना लगाया था। इसके अतिरिक्त, मार्च 2022 के आसपास, कंपनी की ऑडिट कमेटी ने कमर्शियल व्हीकल लोन पोर्टफोलियो में कंट्रोल की कमियों की समीक्षा शुरू की थी, जिसमें लोन सेंक्शनिंग, डॉक्यूमेंटेशन और पॉलिसी इंप्लीमेंटेशन में गैप्स शामिल थे।
आगे की उम्मीदें
मैनेजमेंट आने वाली तिमाहियों में डिस्बर्समेंट की रफ्तार बनाए रखने और प्रॉफिटेबिलिटी को बेहतर बनाने को लेकर आश्वस्त है। कंपनी के लिए भविष्य में ग्रोथ, एसेट क्वालिटी का प्रबंधन और रेगुलेटरी कंप्लायंस फ्रेमवर्क को मजबूत करना महत्वपूर्ण होगा।