Indian Logistics: त्योहारी सीजन में ट्रकों का किराया बढ़ा, फ्रेट डिमांड में आई भारी उछाल

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Indian Logistics: त्योहारी सीजन में ट्रकों का किराया बढ़ा, फ्रेट डिमांड में आई भारी उछाल

अक्टूबर 2026 में फेस्टिव डिमांड के चलते भारत के प्रमुख ट्रेड रूट्स पर ट्रक रेंटल रेट्स में इजाफा हुआ है। हालांकि, माल ढुलाई बढ़ने से ऑपरेटर्स को फायदा तो हुआ, लेकिन NCR में उत्सर्जन संबंधी सख्त नियमों के कारण चुनौतियां भी बढ़ गई हैं।

त्योहारी सीजन की रौनक का असर सीधे भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर दिख रहा है। देश भर में माल की भारी आवाजाही के चलते ट्रक रेंटल रेट्स में जबरदस्त उछाल आया है।

प्रमुख रूट्स पर किराया

दिल्ली-कोलकाता-दिल्ली रूट पर किराए में साल-दर-साल 13% की बढ़त देखी गई है, जो इस महीने का सबसे व्यस्त कॉरिडोर रहा। वहीं, बेंगलुरु-मुंबई-बेंगलुरु रूट पर भी किराए में 12% का इजाफा दर्ज किया गया है। यह तेजी त्योहारी सीजन से पहले रिटेल इन्वेंट्री स्टॉक करने की होड़ को दर्शाती है।

डिमांड का 'ट्रिगर'

रिटेल मार्केट में तेजी के साथ माल ढुलाई की मांग बढ़ी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो टू-व्हीलर सेल्स में 29% मंथ-ऑन-मंथ उछाल आया है, जबकि कंस्ट्रक्शन सेक्टर में भी 25% की ग्रोथ देखी गई। इस मांग के चलते डीजल की खपत में भी 20% की मासिक बढ़त हुई है।

चुनौतियां और भविष्य की राह

लॉजिस्टिक्स ऑपरेटर्स के लिए सब कुछ आसान नहीं है। नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में BS-IV वाहनों पर एंट्री बैन के चलते कंपनियों को परिचालन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फ्लीट मालिकों पर अब पुरानी गाड़ियों को अपग्रेड करने और नए नियमों के पालन का वित्तीय दबाव बढ़ गया है, जो सीधे उनके प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकता है। निवेशकों की अब इस बात पर नजर है कि फेस्टिव सीजन के बाद यह डिमांड कितनी सस्टेनेबल रहती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.