India Travel Boom: फिनटेक दे रहे 'एक्सपीरियंस' के लिए आसान क्रेडिट, बदल रहे ग्राहकों का मिजाज!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
India Travel Boom: फिनटेक दे रहे 'एक्सपीरियंस' के लिए आसान क्रेडिट, बदल रहे ग्राहकों का मिजाज!
Overview

भारत में लोगों का खर्च करने का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब लोग सेविंग्स (Savings) से ज्यादा ट्रैवल और अनुभवों (Experiences) पर खर्च करना पसंद कर रहे हैं। इस बदलते ट्रेंड का फायदा उठाते हुए, कई फिनटेक कंपनियां, खासकर Scapia जैसी, अब लोगों को ट्रैवल फाइनेंसिंग (Travel Financing) के लिए खास क्रेडिट ऑफर दे रही हैं। यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि लोगों की आय बढ़ रही है, डिजिटल पेमेंट का चलन तेज है और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल अभी भी कम है। हालांकि, यह मार्केट काफी कॉम्पिटिटिव (Competitive) है और प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) की अपनी चुनौतियां हैं।

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क्यों बदल रहा है लोगों का खर्चा करने का तरीका?

भारत में सदियों से चली आ रही बचत करने की आदतें अब बदल रही हैं, खासकर युवा पीढ़ी में। वे चीजों को टालने की बजाय तुरंत अनुभवों पर खर्च करने को ज्यादा अहमियत दे रहे हैं। इस बदलाव में ट्रैवल सबसे आगे है। साल 2024 में, भारत से बाहर जाने वाली इंटरनेशनल ट्रिप्स 10.79% बढ़कर 3.089 करोड़ तक पहुंच गईं, जबकि घरेलू टूरिज्म में 17.51% की भारी बढ़ोतरी देखी गई और यह 294.81 करोड़ विजिट्स तक पहुंच गया। बढ़ती आय, बेहतर कनेक्टिविटी और फेस्टिवल्स, वेलनेस रिट्रीट्स (Wellness Retreats) और लग्जरी ब्रेक्स जैसे अलग-अलग अनुभवों की चाहत इस ट्रेंड को बढ़ावा दे रही है। सोशल मीडिया का भी अहम रोल है, जहां 50% भारतीय ट्रैवलर्स इन्फ्लुएंसर्स (Influencers) से प्रेरणा लेकर अपनी डेस्टिनेशन चुनते हैं।

फिनटेक कंपनियां पेश कर रही हैं ट्रैवल क्रेडिट

भारत में क्रेडिट कार्ड पेनिट्रेशन (Credit Card Penetration) अभी भी डेवलप्ड मार्केट्स की तुलना में काफी कम, करीब 6-7% है। यहीं फिनटेक कंपनियों के लिए एक बड़ा मौका दिख रहा है। Scapia जैसी स्टार्टअप्स सीधे ट्रैवल बुकिंग के साथ क्रेडिट को इंटीग्रेट कर रही हैं। ये कंपनियां लाइफटाइम-फ्री क्रेडिट कार्ड (Lifetime-Free Credit Cards) ऑफर करती हैं, जिनमें ट्रैवल रिवॉर्ड्स (Travel Rewards) भी मिलते हैं, साथ ही इंटरेस्ट-फ्री ईएमआई (Interest-Free Installment Plans) के विकल्प भी। Scapia ने बताया कि उनके प्लेटफॉर्म पर करीब 20% ट्रैवल बुकिंग वैल्यू इन्हीं नो-कॉस्ट ईएमआई (No-Cost EMIs) से प्रोसेस हुई। अनिल गोटी के फाउंडेड Scapia ने अप्रैल 2025 में Peak XV Partners द्वारा लीड की गई $4 करोड़ की सीरीज बी फंडिंग (Series B Funding) के बाद करीब $19.4 करोड़ की पोस्ट-मनी वैल्यूएशन (Post-money Valuation) हासिल की। कंपनी ने FY25 में ईयर-ऑन-ईयर 70.8% की रेवेन्यू ग्रोथ (Revenue Growth) के साथ ₹40.4 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, लेकिन इसी अवधि में ₹83 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) भी रिपोर्ट किया। यह रणनीति ग्राहकों की खर्च करने की इच्छा के अनुरूप है, जहां 50% भारतीय एक्सपीरियंस पर खर्च बढ़ा रहे हैं।

कड़ी प्रतिस्पर्धा और इन्वेस्टर्स की सतर्कता

भारतीय ट्रैवल टेक्नोलॉजी सेक्टर (Travel Technology Sector) बेहद डायनामिक है, लेकिन यहां प्रतिस्पर्धा बहुत कड़ी है। जहां एक ओर स्टार्टअप्स नए आइडिया ला रहे हैं, वहीं 2025 में ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी टेक सेक्टर में वेंचर कैपिटल फंडिंग (Venture Capital Funding) 2024 की तुलना में 59.34% घट गई, जो इन्वेस्टर्स की सावधानी को दिखाता है। MakeMyTrip, EaseMyTrip और Yatra जैसी स्थापित ऑनलाइन ट्रैवल एजेंट्स (OTAs) भारी मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) के साथ काम कर रही हैं, लेकिन उनके वैल्यूएशन (Valuation) भी काफी हाई हैं। उदाहरण के लिए, अप्रैल 2026 में MakeMyTrip का पी/ई रेश्यो (P/E Ratio) लगभग 80-87 था, जो इसके 5-साल के औसत से काफी ऊपर है। EaseMyTrip का पी/ई रेश्यो 22 से 99 के बीच रहा, और Yatra का पी/ई रेश्यो बहुत ज्यादा या निगेटिव था।

ये हाई वैल्यूएशन मार्केट की बहुत ज्यादा उम्मीदें दिखाते हैं, जिससे कंपनियों के लिए गलती की गुंजाइश बहुत कम रह जाती है। Scapia का फाइनेंशियल परफॉरमेंस कुछ चुनौतियां दिखाता है: रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद, इसने FY25 में एक बड़ा नेट लॉस दर्ज किया। यह कुछ हद तक रिवॉर्ड प्रोग्राम की लागत और एनुअल चार्जेज जैसे पारंपरिक फीस की कमी के कारण है। इंटरचेंज फीस (Interchange Fees) और ईएमआई से ब्याज (Interest from EMIs) पर निर्भर रेवेन्यू स्ट्रीम्स, और एक क्राउडेड मार्केट में संभवतः हाई कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट (Customer Acquisition Costs) लंबे समय की प्रॉफिटेबिलिटी और कैश बर्न (Cash Burn) को लेकर सवाल खड़े करते हैं। इसके अलावा, Scapia का Federal Bank पर को-ब्रांडेड कार्ड इश्यूएंस (Co-branded Card Issuance) के लिए निर्भर रहना काउंटरपार्टी रिस्क (Counterparty Risk) पैदा करता है; बैंक की क्रेडिट पॉलिसी (Credit Policies) या पार्टनरशिप स्ट्रेटेजी (Partnership Strategy) में कोई भी बदलाव Scapia के ऑपरेशंस को सीधे प्रभावित कर सकता है।

भारत के टूरिज्म सेक्टर का आउटलुक (Outlook)

कुल मिलाकर, भारतीय टूरिज्म इंडस्ट्री (Tourism Industry) का विस्तार जारी रहने की उम्मीद है। यह सेक्टर भारत की जीडीपी (GDP) में 7% का योगदान देता है और 2025 से 2033 तक 6.10% सीएजीआर (CAGR) से बढ़कर $38.12 अरब तक पहुंचने का अनुमान है। सिर्फ आउटबाउंड टूरिज्म (Outbound Tourism) 2026 के $23.4 अरब से बढ़कर 2036 तक $68.8 अरब तक पहुंचने की उम्मीद है, जो 11.4% सीएजीआर है। एक्सपीरियंसियल ट्रैवल (Experiential Travel) एक बड़ा ड्राइवर है, जिसके 2027 तक $45 अरब तक पहुंचने का अनुमान है। एनालिस्ट्स (Analysts) उत्साहित हैं, और इनबाउंड टूरिज्म (Inbound Tourism) के 2026 तक प्री-पैंडेमिक लेवल (Pre-pandemic Levels) को पार करने की उम्मीद है। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर (Hospitality Sector) का आउटलुक 'स्टेबल' (Stable) बना हुआ है, जिसमें FY2026 के लिए प्रीमियम होटल ऑक्यूपेंसी (Premium Hotel Occupancy) 72-74% रहने का अनुमान है। इस स्पेस में फिनटेक कंपनियों के लिए, तेजी से ग्रोथ को सावधानीपूर्वक क्रेडिट मैनेजमेंट और हाईली कॉम्पिटिटिव माहौल में प्रॉफिटेबिलिटी के स्पष्ट रास्ते के साथ संतुलित करना महत्वपूर्ण होगा।

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