पेंशन प्लान में बड़े बदलाव की तैयारी?
भारतीय पेंशन नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) सरकार के साथ मिलकर अटल पेंशन योजना (APY) के तहत मिलने वाली अधिकतम गारंटीड मासिक पेंशन को ₹5,000 से ऊपर ले जाने की संभावनाओं पर चर्चा कर रहा है। PFRDA के चेयरमैन एस. रामन ने कहा कि पेंशन बढ़ाने का कोई भी फैसला सरकार पर लंबे समय के लिए बड़ा वित्तीय बोझ डालेगा, इसलिए अगर कोई बदलाव होता भी है तो वह धीरे-धीरे ही लागू किया जाएगा।
सरकारी मंशा और चिंताएं
वित्तीय सेवा सचिव एम. नागरजू ने बताया कि सरकार विभिन्न हितधारकों और APY सदस्यों के प्रस्तावों पर विचार करेगी। हालांकि, रामन ने जोर देकर कहा कि नीतिगत बदलावों के दूरगामी वित्तीय परिणाम होंगे और बड़े समायोजन में काफी समय लगेगा।
APY, जो कि एक स्वैच्छिक बचत योजना है, 60 साल की उम्र पूरी करने वाले ग्राहकों को ₹1,000 से ₹5,000 तक की मासिक पेंशन की गारंटी देती है, जो उनकी मृत्यु तक जारी रहती है। इस साल इस स्कीम के ग्राहकों की संख्या 10 करोड़ को पार करने की उम्मीद है, जो 18% की वृद्धि दर दर्शाता है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में APY के सब्सक्राइबर्स 8.96 करोड़ थे, जो उससे पिछले साल के 7.61 करोड़ से बढ़े थे, और 1.35 करोड़ नए एनरोलमेंट हुए थे।
युवा पीढ़ी का बढ़ता रुझान, पर छोटी पेंशन का मोह
एक खास बात यह है कि 18-25 साल के युवा बड़ी संख्या में इस स्कीम से जुड़ रहे हैं। यह दिखाता है कि युवा भारतीय अपने लंबे वित्तीय भविष्य की योजना बनाने के बारे में जागरूक हो रहे हैं।
हालांकि, वृद्धि के बावजूद, APY के बड़ी संख्या में सदस्य अभी भी सबसे कम ₹1,000 प्रति माह की गारंटीड पेंशन का विकल्प चुन रहे हैं। नागरजू ने वित्तीय संस्थानों को सलाह दी है कि वे सदस्यों को उनकी आय बढ़ने के साथ उच्च पेंशन टियर चुनने के लिए मार्गदर्शन करें। उन्होंने ₹1,000 की मासिक पेंशन की दीर्घकालिक पर्याप्तता पर सवाल उठाया और नामांकन के दौरान उचित परामर्श की आवश्यकता पर जोर दिया।
