ब्लैकरॉक के चेयरमैन और CEO लैरी फिंक ने भारत के लिए एक 'नए युग' का ऐलान किया है। उनका मानना है कि अगले 10 सालों में भारत की GDP सालाना 8% से 10% की रफ्तार से बढ़ेगी। लेकिन इस बड़ी ग्रोथ के लिए देश को अपनी बचत की आदतों में एक बड़ा बदलाव लाना होगा।
फिलहाल, भारतीय परिवार अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा सोने और चांदी जैसी फिजिकल एसेट्स में लगाते हैं। सालाना करीब 60 अरब डॉलर सोने में और 15 अरब डॉलर चांदी में निवेश होते हैं। वहीं, बैंक डिपॉजिट सुरक्षित तो हैं, लेकिन उनमें रिटर्न काफी कम मिलता है। भारत के आर्थिक विकास और Jio BlackRock जैसी कंपनियों के लक्ष्यों की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि हम इन पारंपरिक बचतों को कैपिटल मार्केट की ओर कैसे मोड़ पाते हैं। यह एक मुश्किल काम है, जिसके लिए लोगों को लगातार एजुकेट (Educate) करने और नए प्रोडक्ट्स लाने की जरूरत होगी, ताकि दशकों पुरानी वित्तीय आदतों को बदला जा सके।
इस बड़े बदलाव को लाने में Jio BlackRock का जॉइंट वेंचर (JV) एक अहम भूमिका निभा रहा है। यह कंपनी टेक्नोलॉजी-फर्स्ट डिस्ट्रीब्यूशन स्ट्रैटेजी अपना रही है। अब तक, इसने करीब 10 लाख (1 मिलियन) इन्वेस्टर्स को जोड़ा है, जिनमें से 18% ऐसे हैं जो पहली बार म्यूचुअल फंड में पैसा लगा रहे हैं। खास बात यह है कि इसका असर बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं है। इसके 40% रिटेल इन्वेस्टर्स छोटे शहरों (Tier-2 और Tier-3 शहरों या B-30 शहरों) से आते हैं, जो इंडस्ट्री के औसत 28% से काफी ज्यादा है। यह दिखाता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स कैसे कैपिटल मार्केट तक पहुंच को आसान बना सकते हैं।
लेकिन, इस रफ्तार को और तेज करना होगा, ताकि बड़े आर्थिक अनुमानों को पूरा किया जा सके। गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि अगले 10 सालों में इक्विटी और म्यूचुअल फंड में 0.8 ट्रिलियन डॉलर का निवेश आ सकता है। लेकिन, बैंक डिपॉजिट में अभी भी 3.5 ट्रिलियन डॉलर आने की उम्मीद है, जो बचत को री-बैलेंस करने की चुनौती का अंदाजा देता है।
इंडियन एसेट मैनेजमेंट सेक्टर में कड़ा मुकाबला है। SBI म्यूचुअल फंड, HDFC AMC (मार्केट कैप ₹1.16 लाख करोड़, P/E 39.75x) और ICICI प्रूडेंशियल AMC (मार्केट कैप ₹1.45 ट्रिलियन, P/E ~44.8x) जैसे बड़े खिलाड़ी पहले से मौजूद हैं। ग्लोबल एसेट मैनेजमेंट दिग्गज BlackRock की मार्केट कैप फरवरी 2026 की शुरुआत में करीब 180.04 अरब डॉलर है, जिसका P/E 31.59x है। दूसरी ओर, Jio Financial Services, जो एक लार्ज-कैप कंपनी है, उसने हाल में शेयर में गिरावट देखी है, और यह 108 के P/E पर ट्रेड कर रही है, जिसका मार्केट कैप ₹1.70 लाख करोड़ है।
भारतीय बाजारों में आने वाले इस भारी निवेश और आक्रामक ग्रोथ के अनुमानों के कारण वैल्यूएशन (Valuation) में थोड़ी inflate होने की संभावना है। भारतीय स्टॉक मार्केट का कुल मार्केट कैप टू GDP रेशियो 130.21% है, जो बफेट इंडिकेटर (Buffett Indicator) के अनुसार इसे थोड़ा महंगा (overvalued) बताता है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) दिसंबर 2025 तक ₹80.23 ट्रिलियन तक पहुंच गया था, लेकिन राष्ट्रीय आर्थिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए इसमें और बढ़ोतरी जरूरी है। इंडस्ट्री के लीडर्स का अनुमान है कि 2031 तक MF AUM ₹1.6 ट्रिलियन से दोगुना से ज्यादा हो जाएगा।
भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ मजबूत बनी हुई है। FY26 में इकोनॉमी के 7.4% बढ़ने का अनुमान है, जिसका मुख्य कारण डोमेस्टिक डिमांड और स्थिर फाइनेंशियल सेक्टर है। महंगाई पर लगाम लगी है और बैंकिंग सेक्टर में सुधार दिख रहा है। हालांकि, मीडियम-टर्म में 6.8% से 7.2% की ग्रोथ बनाए रखने के लिए लगातार पॉलिसी सपोर्ट और एक स्थिर ग्लोबल इकोनॉमिक माहौल की जरूरत होगी। Jio BlackRock और भारतीय कैपिटल मार्केट की लॉन्ग-टर्म सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि वे लगातार परफॉरमेंस और इनोवेटिव प्रोडक्ट्स के जरिए इन्वेस्टर का भरोसा कैसे जीतते हैं, खासकर तब जब इंडस्ट्री AI और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को अपना रही है।
