भारत में गोल्ड लोन में भारी उछाल: 3 साल में 4 गुना वृद्धि, क्रेडिट परिदृश्य में क्रांति!

BANKINGFINANCE
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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
भारत में गोल्ड लोन में भारी उछाल: 3 साल में 4 गुना वृद्धि, क्रेडिट परिदृश्य में क्रांति!
Overview

गोल्ड लोन भारत का सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला क्रेडिट सेगमेंट है, जो तीन सालों में लगभग चार गुना हो गया है। इस उछाल का कारण बढ़ती सोने की कीमतें, बड़े टिकट साइज़ और अर्ध-शहरी (semi-urban) और ग्रामीण (rural) उधारकर्ताओं से मजबूत मांग है। वित्तीय संस्थान अब गोल्ड लोन जैसे सुरक्षित (secured) ऋणों को प्राथमिकता दे रहे हैं क्योंकि असुरक्षित (unsecured) सेगमेंट में अंडरराइटिंग सख्त हो गई है और परिसंपत्ति गुणवत्ता (asset quality) व लाभप्रदता (profitability) पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

भारत में गोल्ड लोन, क्रेडिट बाज़ार में एक सबसे मज़बूत और तेज़ी से बढ़ने वाला सेगमेंट बनकर उभरा है। पिछले तीन सालों में यह लगभग चार गुना बढ़ गया है। इस वृद्धि के पीछे कई प्रमुख कारण हैं, जिनमें सोने की बढ़ती कीमतें, औसत टिकट साइज़ में बढ़ोतरी और अर्ध-शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के उधारकर्ताओं से लगातार बनी हुई मांग शामिल है। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग के BFSI कॉन्फ्रेंस 2025 में साझा की गई जानकारी के अनुसार, अब 60% से अधिक नए रिटेल लोन अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से आ रहे हैं। इन क्षेत्रों में, सोना एक सांस्कृतिक रूप से स्वीकृत और आसानी से भुनाया जाने वाला (liquid) संपार्श्विक (collateral) है, जो गोल्ड लोन को एक पसंदीदा विकल्प बनाता है। कर्जदाता इस सेगमेंट की ओर बढ़ रहे हैं क्योंकि इसमें क्रेडिट लागत कम है, पोर्टफोलियो टर्नओवर तेज़ है और क्रॉस-सेल के अवसर (cross-sell opportunities) मिलते हैं। बैंक और स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFBs) अगले दो वर्षों में अपने गोल्ड लोन वितरण नेटवर्क को अपनी शाखाओं में और गहरा करने की योजना बना रहे हैं। माइक्रो फाइनेंस संस्थान (MFIs) भी गोल्ड लोन जैसे सुरक्षित उत्पादों पर विचार कर रहे हैं। कुल मिलाकर, बैंक, एनबीएफसी (NBFCs) और फिनटेक (fintechs) अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी को समझदारी से बदल रहे हैं, जिसमें परिसंपत्ति गुणवत्ता, सुरक्षित ऋण और लाभप्रदता को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके विपरीत, कॉर्पोरेट क्रेडिट और असुरक्षित रिटेल सेगमेंट में अभी तक कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की दिसंबर 2025 की 'स्टेट ऑफ द इकोनॉमी' रिपोर्ट ने इस प्रवृत्ति की पुष्टि की है। फरवरी 2025 से बैंक क्रेडिट डेटा में सोने के गहनों पर लिए गए लोन में तीन अंकों की वृद्धि दर देखी गई है, जो कुल क्रेडिट विस्तार से काफी आगे है। अक्टूबर 2025 में गोल्ड लोन का बकाया ₹3.38 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 128.5% अधिक है। यह ट्रेंड भारत के क्रेडिट परिदृश्य को नया आकार दे रहा है और यह वित्तीय संस्थानों के लिए एक स्थिर और लाभदायक एसेट क्लास साबित हो रहा है।

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