₹73 लाख करोड़ की विरासत पर भारतीय महिलाएं, लेकिन एस्टेट प्लानिंग में फिसड्डी!

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AuthorAditya Rao|Published at:
₹73 लाख करोड़ की विरासत पर भारतीय महिलाएं, लेकिन एस्टेट प्लानिंग में फिसड्डी!

अगले एक दशक में भारतीय महिलाओं को करीब ₹73 लाख करोड़ की विरासत मिलने का अनुमान है। लेकिन एक नई रिपोर्ट बताती है कि इसमें से एक चौथाई से भी कम महिलाओं के पास संपत्ति हस्तांतरण की सुव्यवस्थित योजना है। एस्टेट प्लानिंग में इस देरी से संपत्ति फंसने और पारिवारिक विवादों जैसे गंभीर जोखिम पैदा होते हैं। जहां महिलाएं निवेश प्रबंधन में सक्रिय हो रही हैं, वहीं निष्क्रिय विरासत से औपचारिक उत्तराधिकार की ओर बढ़ना कई परिवारों के लिए एक बड़ी कमी बना हुआ है।

भारत में संपत्ति का बड़ा हस्तांतरण

अगले दस सालों में भारतीय महिलाओं को लगभग ₹73 लाख करोड़ की विरासत मिलने की उम्मीद है। यह वित्तीय शक्ति में एक महत्वपूर्ण वृद्धि का संकेत देता है, लेकिन Barclays Private Bank की 'The Ownership Shift' नामक एक नई रिपोर्ट एक बड़ी चिंता को उजागर करती है - तैयारियों में एक बड़ी कमी। डेटा से पता चलता है कि जिन महिलाओं को पहले से ही विरासत में संपत्ति मिली है, उनमें से केवल 23% के पास ही इस पैसे के प्रबंधन या भविष्य में हस्तांतरण की एक पूरी तरह से प्रलेखित योजना है।

एस्टेट प्लानिंग की कमी से बढ़ रहा जोखिम

यह योजना की कमी सिर्फ एक व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है, बल्कि कई परिवारों के लिए एक वित्तीय जोखिम है। पूरे भारत में, यह अनुमान लगाया गया है कि 84% से अधिक परिवारों के पास औपचारिक वसीयत (Will) या एक सुव्यवस्थित उत्तराधिकार योजना (Succession Plan) नहीं है। जब स्पष्ट दस्तावेज़ों के बिना संपत्ति हस्तांतरित की जाती है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इससे अक्सर परिवार के सदस्यों के बीच कानूनी विवाद, वर्षों तक चलने वाले अदालती मामले और संपत्ति का फ्रीज होना जैसी समस्याएं होती हैं, जो लाभार्थियों की वित्तीय स्थिरता और पारिवारिक व्यवसायों की निरंतरता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती हैं।

महिलाओं की बढ़ती सक्रियता

योजना बनाने का पक्ष धीमा बना हुआ है, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका तेजी से बदल रही है। सर्वेक्षण में पाया गया कि 76% महिलाएं पहले से ही अपने निवेश के प्रबंधन में सक्रिय रूप से शामिल हैं, और 40% पारंपरिक बैंक जमाओं के बजाय प्राइवेट इक्विटी या स्टार्टअप निवेशों में नया पैसा लगाने पर विचार कर रही हैं। यह 'जोखिम-बुद्धिमान' (Risk-Intelligent) निवेश की ओर एक कदम दर्शाता है। अन्य स्रोतों से प्राप्त डेटा, जैसे कि 2026 Candere Hurun India Women Leaders List, इस प्रवृत्ति की पुष्टि करता है, जिसमें शीर्ष प्रभावशाली महिलाओं का एक बड़ा बहुमत अब केवल उत्तराधिकारी होने के बजाय स्वयं-निर्मित उद्यमी हैं।

नियामकों का प्रयास और निवेशकों की जिम्मेदारी

नियामकों ने खराब उत्तराधिकार योजना के कारण होने वाली कठिनाइयों को पहचाना है और बोझ को कम करने के लिए काम कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, SEBI ने कानूनी उत्तराधिकारियों को प्रतिभूतियों (जैसे शेयर और बॉन्ड) के हस्तांतरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कई सुधार पेश किए हैं। इन परिवर्तनों का उद्देश्य परिवारों के लिए अनावश्यक कागजी कार्रवाई या लंबी देरी का सामना किए बिना संपत्ति को स्थानांतरित करना आसान बनाना है। हालांकि, नियम केवल एक हद तक ही मदद कर सकते हैं; वसीयत या ट्रस्ट संरचना तैयार करने की वास्तविक जिम्मेदारी संपत्ति के मालिकों की होती है।

आगे की राह

निवेशकों और परिवारों के लिए, सबक स्पष्ट है: संपत्ति जमा करना ही आधी लड़ाई है। एक स्पष्ट, लिखित योजना के बिना जो यह बताती है कि किसे क्या मिलेगा और संपत्ति का प्रबंधन कैसे किया जाना चाहिए, जीवन भर की कमाई हुई संपत्ति आसानी से संघर्ष का स्रोत बन सकती है। आने वाले वर्षों में परिवारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण निगरानी औपचारिक एस्टेट प्लानिंग की ओर बढ़ना होगी। निष्क्रिय दृष्टिकोण से एक सक्रिय, प्रलेखित उत्तराधिकार रणनीति की ओर बढ़ना अब पारिवारिक संपत्ति की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि अगली पीढ़ी संपत्ति का प्रभावी ढंग से प्रबंधन कर सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.