महंगाई से मिली राहत
सोमवार को बाजार की इस तेजी का मुख्य कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट रही। $100 के स्तर को तोड़ते हुए तेल की कीमतें $90 के नीचे आ गईं, जो कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक प्रगति की खबरों के चलते हुआ। भारत, जो तेल आयात पर बहुत अधिक निर्भर है, के लिए यह एक बड़ी राहत थी। इससे न केवल भू-राजनीतिक आपूर्ति की चिंताएं कम हुईं, बल्कि महंगाई का दबाव भी घटा। बाजार की अस्थिरता को मापने वाला India VIX भी 6% से अधिक गिर गया, जो निवेशकों के सेंटीमेंट में बदलाव और साइक्लिकल व रेट-सेंसिटिव शेयरों में निवेश की बढ़ती भूख का संकेत देता है।
शेयरों का मिला-जुला प्रदर्शन
जहां एक ओर बाजार सूचकांकों में उछाल आया, वहीं व्यक्तिगत शेयरों के प्रदर्शन में भिन्नता देखी गई। Adani Enterprises ने ₹2,800 के स्तर के करीब पहुंचकर अपनी मजबूत बढ़त जारी रखी। इसके डेरिवेटिव्स में हाई ओपन इंटरेस्ट यह संकेत दे रहा था कि संस्थागत निवेशक सक्रिय रूप से इसमें निवेश कर रहे हैं। दूसरी ओर, Bajaj Auto पर बिकवाली का दबाव देखा गया। मुनाफे में वृद्धि और विश्लेषकों की सकारात्मक रेटिंग के बावजूद, कंपनी के एक्स-डिविडेंड (Ex-dividend) की तारीख से पहले तकनीकी आधार पर मुनाफावसूली हुई। यह दिखाता है कि कैसे मैक्रोइकॉनॉमिक रुझानों के साथ-साथ कॉर्पोरेट इवेंट्स भी स्टॉक की चाल को प्रभावित कर रहे हैं।
वोडाफोन आइडिया की तेजी और अकाउंटिंग चिंताएं
CRISIL द्वारा बैंक सुविधाओं के लिए अनुकूल क्रेडिट रेटिंग मिलने के बाद Vodafone Idea ₹14.06 के अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, हालिया उछाल मुख्य रूप से मार्च तिमाही के एकमुश्त अकाउंटिंग लाभ (Accounting Gains) के कारण है, जिसने ऑपरेशनल कैश फ्लो की कमी को ढक दिया। विश्लेषकों का कहना है कि स्टॉक में मजबूत तकनीकी मोमेंटम दिख रहा है, लेकिन ऐसे गैर-आवर्ती लाभों पर निर्भरता दीर्घकालिक निवेशकों के लिए एक कमजोर आधार प्रस्तुत करती है।
जोखिम अभी भी बरकरार
फिलहाल बाजार की यह तेजी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में तनाव के स्थायी डी-एस्केलेशन पर निर्भर करती है। यदि अमेरिका-ईरान कूटनीति विफल होती है, तो तेल की कीमतों में गिरावट जल्दी से उलट सकती है, जिससे महंगाई का एक नया झटका लग सकता है जो भारत के फिस्कल डेफिसिट (Fiscal Deficit) और करेंसी को प्रभावित करेगा। टेलीकॉम सेक्टर में, Vodafone Idea के रिपोर्टेड प्रॉफिट और वास्तविक फ्री कैश फ्लो जनरेशन के बीच का अंतर बताता है कि निवेशक फिलहाल वित्तीय स्वास्थ्य के बजाय मोमेंटम को प्राथमिकता दे रहे हैं। लिक्विडिटी (Liquidity) में कोई भी बदलाव सट्टा पूंजी के तेजी से बाहर निकलने का कारण बन सकता है, जिससे कंपनी के उच्च लीवरेज (Leverage) और कर्ज के मुकाबले उसके वैल्यूएशन (Valuation) पर असर पड़ सकता है।
