भारतीय शेयर बाज़ार में उछाल: बैंक शेयरों की धूम, IT में गिरावट

BANKINGFINANCE
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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
भारतीय शेयर बाज़ार में उछाल: बैंक शेयरों की धूम, IT में गिरावट
Overview

आज भारतीय शेयर बाज़ार में तेजी देखी गई, खासकर बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों में। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और रुपये की मजबूती ने बाजार को सहारा दिया। हालांकि, IT शेयरों में गिरावट जारी रही और निवेशक अमेरिकी-ईरान भू-राजनीतिक तनावों व विदेशी निवेशकों की बिकवाली को लेकर सतर्क दिखे।

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बैंकिंग सेक्टर ने बढ़ाई बाज़ार की चाल

शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स, सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty), सकारात्मक शुरुआत के साथ खुले। इस तेज़ी का मुख्य कारण बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र में हुई जोरदार खरीदारी थी। BSE सेंसेक्स 336.46 अंक चढ़कर 75,519.82 पर पहुंच गया, वहीं NSE निफ्टी50 में 86.30 अंकों की बढ़त के साथ 23,741.00 का स्तर दर्ज किया गया। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स 0.76% मजबूत हुआ, जिसमें निफ्टी प्राइवेट बैंक (+0.93%) और निफ्टी PSU बैंक (+0.47%) इंडेक्स ने खास दम दिखाया। ICICI बैंक, HDFC बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे प्रमुख बैंक शेयरों में क्रमश: 1.29%, 1% और 0.92% की बढ़त दर्ज की गई, जिसने बाज़ार की इस तेज़ी में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल का असर

वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने बाज़ार की सकारात्मक भावना को और बल दिया। ब्रेंट क्रूड (Brent crude) फ्यूचर्स $105 प्रति बैरल से नीचे कारोबार कर रहा था। पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के बीच, तेल आयातक भारत के लिए यह गिरावट कुछ राहत लेकर आई। ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर महत्वपूर्ण असहमति के बावजूद, बातचीत में कुछ प्रगति की उम्मीदें बनी हुई हैं, लेकिन अनिश्चितता का माहौल भी बरकरार है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स लगभग $104.96 प्रति बैरल और WTI फ्यूचर्स लगभग $98.08 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहे थे, जो पिछली गिरावट से कुछ सुधार का संकेत है, लेकिन इस सप्ताह के लिए गिरावट की राह पर बने हुए हैं।

IT सेक्टर पर दबाव, व्यापक बाज़ार मिले-जुले

बैंकिंग सेक्टर की विपरीत दिशा में, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया। टेक महिंद्रा (Tech Mahindra), इन्फोसिस (Infosys) और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (Tata Consultancy Services) जैसी कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप100 इंडेक्स में हल्की तेज़ी के साथ मिले-जुले परिणाम दिखे, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप100 इंडेक्स हालिया तेज़ी के बाद थोड़ा नीचे आया। इंडिया VIX (India VIX), जो बाज़ार की अस्थिरता को मापता है, 4.05% बढ़कर 18.55 पर पहुंच गया, जो निवेशकों की अंतर्निहित चिंताओं को दर्शाता है।

FII की बिकवाली और रुपये में कमजोरी जारी

दिन के कारोबार में बाज़ार में तेज़ी के बावजूद, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली जारी रही, जिससे लार्ज-कैप शेयरों पर दबाव बना रहा। FIIs ने भारतीय इक्विटी से बड़ी रकम निकाली है, जो मई के मध्य तक ₹2.2 लाख करोड़ तक पहुंच गई है। यह वैश्विक मैक्रोइकॉनॉमिक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों से प्रभावित है। भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.17 के आसपास कमजोर बना रहा, जिससे आयात लागत बढ़ती है और निवेशकों के सेंटिमेंट पर असर पड़ता है। विश्लेषकों का मानना है कि 'डिप्स पर खरीदारी' (buy on dips) की रणनीति को प्राथमिकता दी जा रही है, साथ ही छोटी कंपनियों की मजबूत तिमाही आय पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जिससे व्यापक बाज़ार के आत्मविश्वास में वृद्धि हो रही है। HDFC बैंक के Q4 FY26 नतीजों में नेट प्रॉफिट में 1.9% की क्रमिक वृद्धि देखी गई, जबकि कंसोलिडेटेड रेवेन्यू तिमाही-दर-तिमाही 7.9% घट गया। इन्फोसिस ने Q4 FY26 में $0.23 प्रति शेयर की कमाई $5.04 बिलियन के रेवेन्यू पर दर्ज की, और FY27 के लिए ऑपरेटिंग मार्जिन 20-22% के बीच रहने का अनुमान लगाया है। इसका P/E रेश्यो 15.93 है, जो बाज़ार के औसत से नीचे है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.