Indian Overseas Bank Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! IOB का Q1 मुनाफा 49% उछला, शेयर ₹35 के पार

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AuthorAditya Rao|Published at:
Indian Overseas Bank Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! IOB का Q1 मुनाफा 49% उछला, शेयर ₹35 के पार

Indian Overseas Bank (IOB) ने नए फाइनेंशियल ईयर की शानदार शुरुआत की है। बैंक ने जून 2026 तिमाही में **49%** की छलांग लगाते हुए **₹1,659 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है। यह बढ़त बैंक की बढ़ी हुई आय और सुधरती एसेट क्वालिटी के दम पर आई है, जिसमें ग्रॉस बैड लोंस घटकर **1.33%** पर आ गए हैं।

IOB के नतीजों में क्या है खास?

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के ₹1,111 करोड़ की तुलना में 49.3% बढ़कर ₹1,659 करोड़ हो गया है। बैंक की कुल आय (Total Income) में भी ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी गई, जो पिछले साल के ₹8,866.47 करोड़ से बढ़कर ₹10,938 करोड़ पर पहुंच गई।

एसेट क्वालिटी में आया सुधार

इस तिमाही के नतीजों का एक बड़ा आकर्षण बैंक की एसेट क्वालिटी में आया सुधार है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA), यानी फंसे हुए कर्जों का अनुपात घटकर 1.33% रह गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में 1.97% था। इसी तरह, नेट एनपीए (Net NPAs) भी 0.32% से सुधरकर 0.18% पर आ गए हैं।

यह गिरावट निवेशकों के लिए काफी मायने रखती है, क्योंकि यह बेहतर रिकवरी और ज्यादा अनुशासित लेंडिंग प्रैक्टिसेस का संकेत देती है। बैंक ने इस तिमाही में प्रोविजन्स (Provisions) के तौर पर ₹834 करोड़ अलग रखे हैं, जो पिछले साल के ₹844 करोड़ के मुकाबले लगभग स्थिर हैं। इससे पता चलता है कि बैंक को संभावित बैड डेट्स के लिए ज्यादा बड़ी इमरजेंसी रिजर्व की ज़रूरत नहीं पड़ी।

शेयर बाजार की प्रतिक्रिया

इन नतीजों के ऐलान के बाद शेयर बाजार में भी IOB के शेयर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। 20 जुलाई 2026 की दोपहर को BSE पर बैंक के शेयर 4.11% की तेजी के साथ ₹35.2 पर ट्रेड कर रहे थे। यह उछाल कंपनी के मुनाफे में बढ़ोतरी और बैलेंस शीट में आई साफ-सफाई की ओर इशारा करता है।

आगे क्या देखें?

निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि बैंक बदलती आर्थिक परिस्थितियों में अपनी सुधरी हुई एसेट क्वालिटी को कितना बनाए रख पाता है। फंसे कर्जों में आई यह कमी अच्छी बात है, लेकिन भविष्य का प्रदर्शन बैंक की लोन बुक को प्रभावी ढंग से मैनेज करने की क्षमता और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) को बनाए रखने पर निर्भर करेगा। निवेशक मैनेजमेंट से क्रेडिट ग्रोथ, ब्याज दरों के आउटलुक और पुराने स्ट्रेस्ड लोन पोर्टफोलियो को कम करने की रणनीति पर अपडेट की उम्मीद कर सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.