Indian Markets: कच्चे तेल में आग से शेयर बाजार धड़ाम, $90 के पार निकले दाम

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Indian Markets: कच्चे तेल में आग से शेयर बाजार धड़ाम, $90 के पार निकले दाम

31 अगस्त 2026 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्त रही। जियोपॉलिटिकल तनाव और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों के चलते Sensex में 250 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जबकि Nifty 50 सपोर्ट लेवल बचाने के लिए जूझता दिखा।

भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते की शुरुआत काफी सुस्त रही। सोमवार, 31 अगस्त 2026 को BSE Sensex 77,130.73 के स्तर पर खुला, जो कि पिछले बंद से 250 अंकों से ज्यादा नीचे था। वहीं, Nifty 50 भी दबाव में दिखा और यह 24,100 के स्तर से नीचे फिसल गया।

क्रूड ऑयल का दबाव और जियोपॉलिटिकल तनाव

बाजार में मौजूदा गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण जियोपॉलिटिकल तनाव और एनर्जी कॉस्ट में बढ़ोतरी है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और जॉर्डन के पास सैन्य हलचल बढ़ गई है, जिससे ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम $90 प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। चूंकि भारत तेल का बड़ा आयातक (Importer) है, इसलिए तेल के दाम बढ़ना महंगाई को बढ़ावा देता है। इसका सीधा असर ऑटो, पेंट और एविएशन सेक्टर के प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ने का डर है।

अमेरिकी फेड और ब्याज दरों का डर

क्रूड ऑयल के अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के हालिया बयान ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। जैक्सन होल संगोष्ठी में दिए उनके 'हॉकिश' संकेत इशारा करते हैं कि अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। अगर ऐसा होता है, तो विदेशी निवेशक (FII) भारतीय बाजार से पैसा निकाल सकते हैं, जिससे लिक्विडिटी कम होने का खतरा है।

बाजार का आउटलुक

पिछले हफ्ते Nifty 50 ने 24,000 के सपोर्ट लेवल का परीक्षण किया था। अभी बाजार का रुख बेहद सतर्क बना हुआ है। निवेशक अब स्टॉक-विशिष्ट रणनीति अपना रहे हैं, जहां फाइनेंशियल स्टॉक्स कुछ हद तक मजबूती दिखा रहे हैं। फिलहाल, निवेशकों की नजर ग्लोबल ऑयल प्राइसेस और विदेशी निवेश के रुख पर टिकी है। क्या निफ्टी 24,000 का लेवल होल्ड कर पाएगा? यह आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.