IT सेक्टर की अगुवाई में बाजार में दिखी मजबूती
हफ्ते भर की अनिश्चितताओं के बाद भारतीय शेयर बाजारों ने पॉजिटिव क्लोजिंग दी। निवेशकों ने भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और महंगाई की चिंताओं के बीच IT और डिफेंसिव सेक्टर्स की ओर रणनीतिक रुख किया। निफ्टी 50 (Nifty 50) का 50-दिन के मूविंग एवरेज (moving average) के ऊपर बंद होना बाजार की चाल में संभावित बदलाव का संकेत देता है।
IT सेक्टर बना रैली का मुख्य सहारा
सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेक्टर इस हफ्ते की रिकवरी का मुख्य इंजन रहा। निफ्टी IT इंडेक्स (Nifty IT index) 4.3% उछला। पिछले हफ्ते 6% की गिरावट के बाद यह वापसी निवेशकों के IT शेयरों को कम कीमतों पर खरीदने के आत्मविश्वास को दर्शाती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर शुरुआती चिंताएं अब इस सेक्टर के फंडामेंटल वैल्यू और ग्रोथ पोटेंशियल पर फोकस की ओर बढ़ रही हैं।
ब्रॉडर मार्केट और बैंकिंग में भी दिखी मजबूती
ब्रॉडर मार्केट (broader market) में भी मजबूती देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स (Nifty Midcap 100 index) 1.4% चढ़ा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 (Nifty Smallcap 100) में 0.4% की बढ़त दर्ज हुई। एक्सिस बैंक (Axis Bank) और आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) जैसे प्रमुख प्राइवेट बैंकों में क्रमशः 3.3% और 1.6% की मजबूत बढ़त देखी गई। यह प्रदर्शन बैंकिंग सेक्टर की महंगाई और कैपिटल को प्रभावी ढंग से मैनेज करने की क्षमता में निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है।
भू-राजनीतिक कारक और एक्सपर्ट की राय
अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के कूटनीतिक प्रगति की रिपोर्टों से निवेशकों का सेंटीमेंट मजबूत हुआ। हालांकि, वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज (WealthMills Securities) के इक्विटी स्ट्रेटेजी डायरेक्टर, क्रांति बथिनी के अनुसार, लगातार बाजार की रैलियों के लिए स्पष्ट कूटनीतिक परिणाम और कच्चे तेल की कीमतों का $100 प्रति बैरल से नीचे आना महत्वपूर्ण होगा। बथिनी ने IT शेयरों में रणनीतिक खरीदारी और महंगाई के प्रति मजबूती के कारण बड़े प्राइवेट बैंकों को प्राथमिकता देने की बात कही।
सेक्टर रोटेशन और भविष्य का अनुमान
हफ्ते भर में महत्वपूर्ण सेक्टर-स्पेसिफिक गतिविधियां देखी गईं, जो निवेशकों के रोटेशन को दर्शाती हैं। निफ्टी रियल्टी सेक्टर (Nifty Realty sector) 2.4% के साथ दूसरा सबसे अच्छा परफॉर्मर रहा। ग्रीन पोर्टफोलियो (Green Portfolio) के स्मॉलकेस मैनेजर, अनुज जैन, भारत के कैपिटल एक्सपेंडिचर (capital expenditure) और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े सेक्टर्स जैसे कैपिटल गुड्स (Capital Goods), इंडस्ट्रीज (Industrials), डिफेंस (Defence) और BFSI के बारे में आशावादी हैं। उनका मानना है कि ग्लोबल डिमांड मजबूत होने पर IT सर्विसेज में धीरे-धीरे रिकवरी देखने को मिल सकती है। वर्तमान में, बाजार ग्लोबल अनिश्चितताओं के मुकाबले साइक्लिकल रिकवरी (cyclical recovery) और डिफेंसिव इन्वेस्टमेंट (defensive investments) के बीच एक संतुलित रणनीति दिखा रहा है।
