भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने FY26 में **13.8%** की बढ़त के साथ **₹17,285 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। HDFC AMC, ICICI Prudential AMC और SBI Funds Management का कुल मुनाफे पर आधे से ज्यादा कब्जा है।
भारतीय म्यूचुअल फंड सेक्टर के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 बेहद शानदार रहा। इंडस्ट्री का कुल नेट प्रॉफिट 13.8% बढ़कर ₹17,285 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। इस दौरान एसेट बेस में 19.4% का उछाल आया और यह लगभग ₹78 लाख करोड़ तक पहुंच गया। इस कामयाबी के पीछे इक्विटी स्कीम्स की ओर निवेशकों का बढ़ता रुझान है, जो अब इंडस्ट्री के कुल एसेट्स का 58% से अधिक हिस्सा बन चुके हैं।
मुनाफे पर किसका राज?
HDFC Asset Management Company, ICICI Prudential Asset Management Company और SBI Funds Management इस ग्रोथ के मुख्य इंजन रहे हैं। इन तीनों दिग्गज कंपनियों का इंडस्ट्री के कुल मुनाफे में 53.4% हिस्सा है। इनमें ICICI Prudential की हिस्सेदारी 19.2%, SBI Funds Management की 17.7% और HDFC AMC की 16.5% रही है। इससे साफ है कि बड़े खिलाड़ियों ने इक्विटी में निवेशकों की रुचि का सबसे ज्यादा फायदा उठाया है।
चुनौतियां और रिस्क
मुनाफा तो बढ़ा है, लेकिन इंडस्ट्री के सामने कुछ संरचनात्मक चुनौतियां भी हैं। फंड मैनेजमेंट से मिलने वाली फीस में गिरावट का ट्रेंड जारी है, जो FY21 के 41 बेसिस पॉइंट्स से घटकर FY26 में 38 बेसिस पॉइंट्स पर आ गई है। मुनाफे को सुरक्षित रखने के लिए कंपनियों ने अपने खर्चों को नियंत्रित रखा है, जहां रेवेन्यू में 19% की बढ़ोतरी के मुकाबले खर्चे केवल 15.9% ही बढ़े। इस लागत नियंत्रण की बदौलत ऑपरेटिंग मार्जिन 62.1% तक पहुंच गया।
हालांकि, निवेशकों को बाजार की बढ़ती अस्थिरता (Volatility) से सावधान रहने की जरूरत है। FY26 में नेगेटिव रिटर्न देने वाली म्यूचुअल फंड स्कीम्स की संख्या बढ़कर 731 हो गई है, जो पिछले साल 243 थी। भविष्य में फीस यील्ड का ट्रेंड और रेगुलेटरी बदलाव कंपनियों के मुनाफे पर असर डाल सकते हैं।
