भारतीय लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 की पहली छमाही बेहद शानदार रही है। इंडस्ट्री ने कुल फर्स्ट-ईयर प्रीमियम के रूप में **₹2.46 लाख करोड़** का आंकड़ा पार कर लिया है, जो पिछले साल की तुलना में **20.6%** अधिक है।
सेक्टर की दमदार रफ्तार
इंश्योरेंस सेक्टर की ग्रोथ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल सितंबर महीने में ही इंडस्ट्री ने ₹48,781 करोड़ का प्रीमियम जुटाया है, जो पिछले साल के मुकाबले 21.3% ज्यादा है। सरकारी दिग्गज Life Insurance Corporation of India (LIC) का दबदबा कायम है, जिसने 19.3% की बढ़त के साथ ₹1.44 लाख करोड़ का प्रीमियम दर्ज किया है।
प्राइवेट प्लेयर्स में कड़ी प्रतिस्पर्धा
प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों ने भी आक्रामक विस्तार किया है। ICICI Prudential Life Insurance ने 25%, HDFC Life ने 18.3% और SBI Life Insurance ने 10.4% की ग्रोथ दिखाई है। वहीं, Bajaj Life Insurance ने बाजी मारते हुए 39.8% का जोरदार उछाल दर्ज किया है।
ग्रुप पॉलिसी का असर और मार्जिन की चुनौती
यह ग्रोथ मुख्य रूप से 'ग्रुप सिंगल-प्रीमियम' पॉलिसी से आई है, जो बड़ी कॉर्पोरेट डील्स का हिस्सा होती हैं। हालांकि, रिटेल पॉलिसी के मुकाबले इनका प्रॉफिट मार्जिन अलग होता है। निवेशकों की नजर अब IRDAI के नए रेगुलेशन पर है। कमीशन कैप और डिस्क्लोजर नियमों में बदलाव के कारण कंपनियों के Value of New Business (VNB) मार्जिन पर दबाव देखा जा रहा है। आने वाले समय में कंपनियों की ऑपरेशनल एफिशिएंसी ही निवेशकों के लिए सबसे बड़ा 'मॉनिटरेबल' फैक्टर होगी।
