US Federal Reserve के चेयरमैन Kevin Warsh के बयान के बाद IT सेक्टर में भारी बिकवाली देखी गई है। संभावित ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंताओं के बीच Nifty IT इंडेक्स दबाव में है, जिसका असर Persistent Systems, LTIMindtree और Wipro जैसे दिग्गज शेयरों पर पड़ा है।
बाजार में क्यों मचा है हड़कंप?
31 अगस्त 2026 को भारतीय आईटी शेयरों में उस समय बिकवाली का दबाव बढ़ गया, जब निवेशकों ने US मॉनेटरी पॉलिसी में बदलाव की आहट को भांप लिया। जैक्सन होल संगोष्ठी (Jackson Hole symposium) में फेड चेयरमैन Kevin Warsh ने 2% के इन्फ्लेशन टारगेट के प्रति प्रतिबद्धता जताई है। इसके बाद ट्रेडर्स के बीच सितंबर की बैठक में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 60% तक आंकी जा रही है।
IT सेक्टर पर क्यों पड़ा असर?
टेक्नोलॉजी कंपनियों का वैल्यूएशन मुख्य रूप से उनके भविष्य के मुनाफे (Future Earnings) पर टिका होता है। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो उधार लेना महंगा हो जाता है और आज के हिसाब से भविष्य के मुनाफे की वैल्यू घट जाती है। यही कारण है कि निवेशक इस हाई-ग्रोथ सेक्टर से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट कर रहे हैं।
दिग्गज शेयरों का हाल
- Persistent Systems: इस शेयर में 3.8% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
- LTIMindtree: यह स्टॉक 2.7% नीचे फिसला।
- Wipro: इसमें भी 2.4% की कमजोरी देखी गई।
महंगाई और क्रूड का डबल अटैक
IT सेक्टर पर सिर्फ फेड का ही दबाव नहीं है, बल्कि ग्लोबल लेवल पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें बढ़ने से सप्लाई-साइड इन्फ्लेशन का डर भी बढ़ गया है। US-Iran के बीच तनाव के चलते एनर्जी की कीमतें ऊपर बनी हुई हैं, जिससे फेड को लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रखनी पड़ सकती हैं।
अब निवेशकों की नजर सितंबर की शुरुआत में आने वाले US के नॉनफार्म पेरोल्स और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) डेटा पर है। यह डेटा तय करेगा कि आगे बाजार में कितनी और वोलेटिलिटी (Volatility) देखने को मिलेगी।
