Indian Credit Cards: कार्ड बढ़ रहे, पर खर्च घट रहा! जानिए क्यों है ये चिंता की बात

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Indian Credit Cards: कार्ड बढ़ रहे, पर खर्च घट रहा! जानिए क्यों है ये चिंता की बात
Overview

भारत में क्रेडिट कार्ड की संख्या तो तेजी से बढ़ रही है, लेकिन हर कार्ड पर खर्च कम होता जा रहा है। यह धीमी रफ्तार ग्राहकों के सतर्क रवैये और सख्त लोन नियमों का नतीजा है। ICICI Bank जैसे बड़े बैंक भले ही नए कार्ड जोड़ने में आगे हों, पर अब उनका फोकस ज्यादा क्वालिटी पर है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

क्रेडिट कार्ड का बूम, पर रफ्तार धीमी

भारत का क्रेडिट कार्ड मार्केट एक अजीब दौर से गुजर रहा है। एक तरफ जहां कुल जारी किए गए कार्ड की संख्या रिकॉर्ड ऊंचाई पर है, वहीं दूसरी तरफ हर कार्ड पर होने वाला खर्च लगातार घट रहा है। मिसाल के तौर पर, ICICI Bank ने अप्रैल 2026 में 1,51,000 से ज़्यादा नए कार्ड जोड़े, जिससे कुल संख्या बढ़ी। लेकिन यह उछाल इंडस्ट्री में एक बड़ी मंदी को छुपा रहा है।

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी में 10.5 लाख की ऊंचाई छूने के बाद, क्रेडिट कार्डों की मासिक नेट बढ़ोतरी घटकर करीब 8,02,000 रह गई है। बैंक अब तेजी से विस्तार करने के बजाय क्रेडिट की क्वालिटी को प्राथमिकता दे रहे हैं, खासकर ऐसे समय में जब अर्थव्यवस्था ब्याज दरों में बदलाव के प्रति संवेदनशील है।

वैल्यूएशन्स से संकेत: धीमी ग्रोथ की उम्मीद

HDFC Bank और ICICI Bank जैसे बड़े बैंक, जिनके प्राइस-टू-अर्निंग (Price-to-Earnings) रेशियो बताते हैं कि निवेशक तेज ग्रोथ के बजाय स्थिर, लंबी अवधि के मुनाफे की उम्मीद कर रहे हैं। इसके विपरीत, SBI Cards जैसी सिर्फ क्रेडिट कार्ड पर फोकस करने वाली कंपनियों के सामने चुनौतियां हैं। बड़े बैंकों के विपरीत जिनके पास क्रॉस-सेलिंग के लिए मौजूदा ग्राहक आधार है, इन खास जारीकर्ताओं की ग्राहक अधिग्रहण लागत अक्सर ज़्यादा होती है और लोन डिफॉल्ट का खतरा भी अधिक रहता है।

Federal Bank और RBL Bank जैसे मिड-टियर बैंक खास बाजारों को टारगेट कर रहे हैं, लेकिन वे भी पूरी रिटेल क्रेडिट सेक्टर को प्रभावित करने वाले आर्थिक दबावों से अछूते नहीं हैं।

ग्राहक सतर्क, लेंडर को रिस्क

हर कार्ड पर औसत खर्च में गिरावट इस बात का संकेत है कि ग्राहक, खासकर फाइनेंशियल ईयर के अंत में होने वाले सामान्य खर्चों के बाद, अपने विवेकाधीन खर्चों को लेकर ज़्यादा सतर्क हो रहे हैं। RuPay क्रेडिट कार्ड को UPI के साथ इंटीग्रेट करने से कार्ड जारी करने की संख्या बढ़ रही है, लेकिन इससे अभी तक ज़्यादा मुनाफे वाले ट्रांजेक्शन में बढ़ोतरी नहीं हुई है।

लेंडर (Lenders) को कंप्लायंस कॉस्ट (Compliance Costs) में भी बढ़ोतरी का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें खराब लोन (Bad Loans) में बढ़ोतरी से बचने के लिए अपनी लोन देने की शर्तों को कड़ा करना होगा। अगर प्रति कार्ड खर्च में गिरावट जारी रहती है, तो जिन कंपनियों ने सिर्फ संख्या पर ध्यान दिया था, उनके मुनाफे में कमी आ सकती है, खासकर अगर उन्होंने पहले प्रॉफिटेबिलिटी के बजाय स्केल को प्राथमिकता दी थी।

आगे क्या देखना है?

विश्लेषक सुरक्षित रिटेल लेंडिंग (Secured Retail Lending) की ओर बदलाव पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं। क्रेडिट कार्ड सेगमेंट में मध्यम वृद्धि की उम्मीद है, जिसमें टॉप चार जारीकर्ता अपनी प्रमुख बाजार हिस्सेदारी को मजबूत करेंगे, जो पहले से ही कुल खर्च का 75% से अधिक है।

बैंकों की भविष्य की सफलता केवल नए खाते जोड़ने के बजाय मौजूदा ग्राहकों के साथ संबंधों को मजबूत करने पर निर्भर करेगी, जिनकी खर्च करने की क्षमता सीमित हो सकती है। निवेशकों को उन बैंकों की तलाश करनी चाहिए जो एसेट क्वालिटी (Asset Quality) और प्रति यूजर प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability Per User) पर ध्यान केंद्रित करते हैं, क्योंकि प्रमुख शहरी केंद्रों में नए, ज़्यादा खर्च करने वाले ग्राहकों को हासिल करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.