भारतीय ब्रोकरेज और फाइनेंशियल कंपनियों के शेयरों में मंगलवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा इक्विटी टैक्सेशन पर निवेशकों की चिंताओं को स्वीकार किए जाने के बाद Nifty Capital Markets इंडेक्स में **3%** से ज्यादा का उछाल आया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के उस बयान के बाद भारतीय कैपिटल मार्केट से जुड़े शेयरों में रौनक लौट आई है, जिसमें उन्होंने मौजूदा इक्विटी टैक्स पॉलिसी को लेकर निवेशकों की चिंताएं दूर करने के संकेत दिए हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि बजट से पहले सरकार की यह प्रतिक्रिया निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संदेश है।
किन शेयरों में दिखी तेजी?
ब्रोकरेज और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर के शेयरों ने आज मार्केट की अगुवाई की। Angel One और Motilal Oswal Financial Services जैसे शेयरों में 5% से लेकर 7% तक की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों और डिपॉजिटरी फर्म्स के शेयरों में भी 1% से 5% के बीच तेजी देखने को मिली।
टैक्स पर क्या है पेंच?
बाजार के खिलाड़ी लंबे समय से 12.5% लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स के खिलाफ अपनी नाराजगी जता रहे हैं, जो ₹1.25 लाख से ज्यादा के प्रॉफिट पर लागू होता है। इस साल विदेशी निवेशकों (FPIs) ने भारतीय बाजारों से करीब $31 बिलियन की भारी बिकवाली की है, जिसे देखते हुए टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव की मांग जोर पकड़ रही है।
क्या बजट में मिलेगी राहत?
हालाँकि, अभी तक सरकार की तरफ से किसी भी फौरन टैक्स कटौती की पुष्टि नहीं की गई है। SBI रिसर्च के मुताबिक, अगर सरकार टैक्स में कोई बदलाव करती है, तो इसका राजकोषीय असर (Fiscal Impact) करीब ₹40,000 करोड़ से ₹50,000 करोड़ तक हो सकता है। ऐसे में सरकार को अपने फिस्कल कंसोलिडेशन के लक्ष्यों और निवेशकों की मांग के बीच संतुलन बनाना होगा।
फिलहाल, निवेशकों को सरकारी बयानों और प्री-बजट चर्चाओं पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि मार्केट का मूड ग्लोबल फैक्टर्स और क्रूड ऑयल की कीमतों से भी प्रभावित होता रहेगा।
