Indian Bonds: कच्चे तेल के दाम गिरने से बॉन्ड मार्केट में रौनक, क्या RBI बढ़ाएगा Repo Rate?

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Indian Bonds: कच्चे तेल के दाम गिरने से बॉन्ड मार्केट में रौनक, क्या RBI बढ़ाएगा Repo Rate?

ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें कम होने से आज भारतीय सरकारी बॉन्ड में तेजी की उम्मीद है। हालांकि, निवेशकों की नजरें 7 अक्टूबर को होने वाली RBI की पॉलिसी मीटिंग पर टिकी हैं, जहां महंगाई को देखते हुए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है।

कच्चे तेल में नरमी का असर

ग्लोबल एनर्जी मार्केट में राहत की खबर है, क्योंकि ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम $100 प्रति बैरल के नीचे फिसल गए हैं। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में यह गिरावट अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़े राहत के तौर पर देखी जा रही है, जो बॉन्ड मार्केट के सेंटीमेंट को मजबूत बना रही है।

बॉन्ड का हाल

बेंचमार्क 6.94% 2036 बॉन्ड पिछले सेशन में 7.0106% पर बंद हुआ था, जो कि पिछले शुक्रवार के 7.0686% के मुकाबले एक अच्छी रिकवरी है। आज ट्रेडर्स इस बॉन्ड के 7.00% से 7.05% के दायरे में रहने की उम्मीद कर रहे हैं। हफ्ते की शुरुआत में ही यील्ड में 6 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट यह बताती है कि निवेशक कमोडिटी की सस्ती कीमतों का लाभ पहले ही भुनाने की कोशिश कर रहे हैं।

RBI की पॉलिसी पर नजर

तेल की कीमतों से मिली खुशी के बावजूद, निवेशकों का डर बरकरार है। अगस्त में रिटेल महंगाई 4.82% दर्ज की गई थी, जो रिजर्व बैंक पर दबाव बना रही है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के दरों में इजाफे के बाद, बाजार को उम्मीद है कि 7 अक्टूबर को होने वाली पॉलिसी मीटिंग में RBI रेपो रेट में बढ़ोतरी कर सकता है। रेपो रेट में इजाफे से बॉन्ड यील्ड बढ़ सकती है, जिससे मार्केट में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।

फिलहाल, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 4.95% से 5.00% के दायरे में है, जो भारतीय बाजार को एक दिशा दे रही है। हालांकि, मानसून की स्थिति और जियो-पॉलिटिकल तनाव जैसे ग्लोबल फैक्टर्स पर भी निवेशकों की नजरें बनी रहेंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.