RBI की ओर से लाए गए नए Expected Credit Loss (ECL) प्रोविजनिंग नियमों को लेकर Fitch Ratings ने अपनी रिपोर्ट में एक बड़ा आकलन पेश किया है। रेटिंग एजेंसी का मानना है कि भारतीय बैंकों के लिए यह एक 'मैनेजेबल' बदलाव साबित होगा, जिसका कैपिटल और मुनाफे पर असर सीमित रहेगा।
यह नियम 1 अप्रैल, 2027 से लागू होने वाले हैं। Fitch के अनुमान के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2028 (FY28) तक पूरे बैंकिंग सेक्टर के कॉमन इक्विटी टियर 1 (CET1) रेश्यो में करीब 30 बेसिस पॉइंट्स (bps) की कमी आ सकती है। यह पहले के अनुमान 55 bps से काफी कम है।
लेकिन, इस नियम का असर सभी बैंकों पर एक जैसा नहीं होगा। सरकारी बैंकों (State-owned banks) के CET1 रेश्यो में FY28 में करीब 45 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट का अनुमान है, जबकि प्राइवेट बैंकों पर इसका असर काफी कम, लगभग 10 बेसिस पॉइंट्स ही रहने की उम्मीद है।
इसके पीछे की वजह बैंकों का मजबूत प्रोविजन बफर और बैड लोन के लिए बढ़ा हुआ कवरेज रेश्यो है। हाल के समय में बैड लोन में कमी और रिकवरी रेट में सुधार ने ECL नियमों के असर को काफी कम कर दिया है। अच्छी बात यह है कि बैंकिंग सिस्टम इस बदलाव की शुरुआत मजबूत फाइनेंशियल हेल्थ और बढ़ते कैपिटल के साथ कर रहा है।
भारतीय बैंकों की कैपिटल पोजिशन काफी मजबूत है। 2024 के अंत तक, बड़े भारतीय बैंकों का औसत CET1 रेश्यो 14.7% था, जो कि अमेरिका और पश्चिमी यूरोप के बड़े बैंकों से भी ज्यादा है। यह मजबूत बेस RBI के ECL फ्रेमवर्क को IFRS 9 स्टैंडर्ड्स के अनुरूप लाने और ग्लोबल स्तर पर पारदर्शिता व रिस्क सेंसिटिविटी बढ़ाने में मददगार होगा।
हालांकि, कुछ खतरे भी बने हुए हैं। मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक अस्थिरता, खासकर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, महंगाई बढ़ा सकता है और देश के करंट अकाउंट डेफिसिट को चौड़ा कर सकता है। हाल ही में, RBI के फॉरेक्स डेरिवेटिव नियमों को लेकर उठाए गए सख्त कदमों से बैंकों को करीब ₹5,000 करोड़ का नुकसान हुआ था। यह दिखाता है कि नियामक बदलाव बैंकों को प्रभावित कर सकते हैं।
लंबे समय में, ECL फ्रेमवर्क से बैंकों के रिस्क मैनेजमेंट में सुधार होगा और उनकी कमाई स्थिर होगी। लेकिन, शुरुआती दौर में प्रोविजनिंग बढ़ाने के कारण प्रॉफिटेबिलिटी पर थोड़ा दबाव दिख सकता है। Nifty Bank इंडेक्स का मार्केट कैप करीब ₹46.74 ट्रिलियन है और P/E रेश्यो 13.8 है, जो सेक्टर के फेयर वैल्यूएशन का संकेत देता है।
