Green Deposits: बैंकों की RBI से बड़ी मांग, CRR में छूट मिलने से बदलेगी क्लाइमेट फाइनेंस की तस्वीर

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Green Deposits: बैंकों की RBI से बड़ी मांग, CRR में छूट मिलने से बदलेगी क्लाइमेट फाइनेंस की तस्वीर

पब्लिक सेक्टर बैंक अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से 'ग्रीन डिपॉजिट्स' पर कैश रिजर्व रेशियो (CRR) को **100 बेसिस पॉइंट्स** तक घटाने की मांग कर रहे हैं। इस कदम का मकसद सस्टेनेबल प्रोजेक्ट्स के लिए फंडिंग लागत को कम करना है, जो फिलहाल ऊंचे ऑपरेशन्स और कंप्लायंस खर्च के कारण चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

फिलहाल बैंकों को सभी डिपॉजिट्स पर 3% का CRR मेंटेन करना पड़ता है, जिसका मतलब है कि फंड्स का एक हिस्सा बिना किसी खास ब्याज के RBI के पास लॉक रहता है। अगर बैंकों की 100 बेसिस पॉइंट्स की यह मांग मान ली जाती है, तो बैंकों के पास लिक्विडिटी बढ़ेगी, जिससे रिन्यूएबल एनर्जी और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कर्ज सस्ता हो सकता है।

ग्रीन लेंडिंग में बढ़ता कंप्लायंस खर्च

सस्टेनेबल फाइनेंस की राह में सबसे बड़ी बाधा ऑपरेशन्स की लागत है। ग्रीन प्रोजेक्ट्स में 'ग्रीनवॉशिंग' (Greenwashing) को रोकने के लिए कड़ी निगरानी और वेरिफिकेशन की जरूरत होती है, जिससे बैंकों का खर्च बढ़ जाता है। CRR में कटौती से मिलने वाला फाइनेंशियल हेडरूम इन खर्चों को सोखने में मदद करेगा, जिससे बैंक ग्राहकों को अधिक कॉम्पिटिटिव ब्याज दरों पर लोन दे पाएंगे।

प्रॉफिटेबिलिटी पर असर

निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह बदलाव बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन्स (NIMs) को बचा पाएगा। बैंकिंग सेक्टर पहले से ही डिपॉजिट जुटाने की कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच मार्जिन्स पर दबाव झेल रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में बैंकों ने लगभग ₹4,000-5,000 करोड़ के ग्रीन डिपॉजिट जुटाए हैं। हालांकि, यह राशि नीति आयोग के अनुमान के अनुसार भारत के $22.7 ट्रिलियन के क्लाइमेट फाइनेंस लक्ष्य के मुकाबले बेहद कम है।

निवेशकों के लिए अहम संकेत

फिलहाल यह सिर्फ एक पॉलिसी-लेवल की मांग है। निवेशकों को RBI के आगामी सर्कुलर और 'ग्रीन एसेट्स' के लिए प्रस्तावित यूनिफाइड टैक्सोनॉमी पर नजर रखनी चाहिए। यह देखना दिलचस्प होगा कि बैंक अपने NIMs को प्रभावित किए बिना ग्रीन डिपॉजिट्स को कैसे स्केल करते हैं और वे ग्रीनवॉशिंग के जोखिमों को कैसे मैनेज करते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.