Indian Banks: AI के दम पर बैंकों की बल्ले-बल्ले, कामकाज की रफ्तार में **50%** तक का उछाल

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Indian Banks: AI के दम पर बैंकों की बल्ले-बल्ले, कामकाज की रफ्तार में **50%** तक का उछाल

HDFC Bank, Axis Bank और Kotak Mahindra Bank जैसे बड़े लेंडर्स अब अपनी वर्कफोर्स बढ़ाए बिना AI का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे ट्रांजेक्शन वॉल्यूम को संभालने में बड़ी मदद मिल रही है, लेकिन निवेशकों को साइबर सुरक्षा और रेगुलेटरी रिस्क पर नजर रखनी चाहिए।

भारत के बैंकिंग सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल एक प्रयोग नहीं, बल्कि रणनीति का मुख्य हिस्सा बन चुका है। बड़े फाइनेंशियल संस्थान अब ऐसे ऑटोमेशन टूल्स अपना रहे हैं, जिससे बिना नई भर्तियां किए बिजनेस वॉल्यूम को तेजी से बढ़ाया जा सके। हाल ही में हुए 2026 FIBAC समिट की रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैंक अपने ऑपरेशनल कामों में 10% से लेकर 50% तक की एफिशिएंसी हासिल कर रहे हैं।\n\n### बैंकों का नया 'AI' मंत्र\n\nबैंकों का मुख्य लक्ष्य अपना 'कॉस्ट-टू-इनकम रेश्यो' बेहतर करना है। इंसानी मेहनत के बढ़ते खर्चों को कम करने के लिए बैंक अब प्रिडिक्टिव एनालिटिक्स का सहारा ले रहे हैं। Kotak Mahindra Bank ने अपने 'Project ACE' के जरिए कॉर्पोरेट पूछताछ को ऑटोमेट किया है, जिससे बैंक 20-30% तक ज्यादा काम बिना स्टाफ बढ़ाए कर पा रहा है। वहीं, HDFC Bank ने अपनी सर्विस डिलीवरी के समय को 30% तक कम कर दिया है।\n\n### कलेक्शन से लेकर फ्रॉड डिटेक्शन तक\n\nयह बदलाव सिर्फ कॉर्पोरेट बैंकिंग तक सीमित नहीं है। Axis Bank ने अपने AXIOM प्लेटफॉर्म के जरिए 60% कलेक्शन कॉल को ऑटोमेट कर दिया है। वहीं, ICICI Bank एंटरप्राइज AI का उपयोग फ्रॉड डिटेक्शन और पोर्टफोलियो मॉनिटरिंग के लिए कर रहा है। इससे बैंकों को भारी-भरकम सपोर्ट टीम रखने की जरूरत कम हो रही है, जो भविष्य में उनके प्रॉफिट मार्जिन के लिए सकारात्मक साबित हो सकता है।\n\n### निवेशकों के लिए सावधानी\n\nप्रोडक्टिविटी भले ही बढ़ रही हो, लेकिन कुछ चुनौतियां बरकरार हैं। RBI लगातार 'जिम्मेदार AI' पर जोर दे रहा है और एल्गोरिदम में पारदर्शिता की मांग कर रहा है। इसके अलावा, साइबर सिक्योरिटी का रिस्क और कुशल टैलेंट की कमी बड़ी रुकावटें हैं। निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या यह बचत वाकई नेट प्रॉफिट में तब्दील हो रही है, या फिर बैंक इसे कॉम्पिटिटिव प्राइसिंग और टेक्नोलॉजी में निवेश के तौर पर खर्च कर रहे हैं। आने वाली तिमाही नतीजों में ऑपरेटिंग खर्चों पर नजर रखना आपके लिए जरूरी होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.