मल्टी-नॉमिनी नियमों के बाद उलझे दावे: बैंकों की नई चुनौती
1 नवंबर, 2025 से लागू हुए बैंकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम, 2025 ने बैंक जमा और लॉकर के लिए चार नॉमिनी तक की सुविधा दी थी। इसका मकसद संपत्ति का हस्तांतरण आसान बनाना था, लेकिन इस बदलाव ने बैंकों के लिए नई परिचालन दिक्कतें खड़ी कर दी हैं।
अब बैंकों को उन स्थितियों से निपटने में मुश्किल हो रही है, जहां नॉमिनी सहमत नहीं होते, समन्वय नहीं कर पाते, या जब अन्य कानूनी वारिस सामने आ जाते हैं। वित्तीय संस्थान इन बिखरे हुए दावों के प्रबंधन और गलत भुगतान को रोकने के लिए RBI से एक औपचारिक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) की मांग कर रहे हैं।
