इंडियन बैंक (Indian Bank) ने आने वाले वित्तीय वर्ष (FY27) के लिए अपनी एसेट क्वालिटी सुधारने की कमर कस ली है। बैंक का लक्ष्य बैड लोंस से **₹4,500 करोड़** से **₹5,500 करोड़** तक की रिकवरी करना है। इससे पहले, पहली तिमाही में बैंक **₹1,885 करोड़** की रिकवरी कर चुका है।
बैड लोन पर कसेगा शिकंजा
पब्लिक सेक्टर के बड़े बैंक, इंडियन बैंक (Indian Bank), ने अपनी एसेट क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए एक आक्रामक रणनीति का ऐलान किया है। बैंक का टारगेट है कि चालू फाइनेंशियल ईयर, FY27, में बैड लोंस (Bad Loans) से ₹4,500 करोड़ से लेकर ₹5,500 करोड़ तक की वसूली की जाए। पहली तिमाही में बैंक ने ₹1,885 करोड़ की सफल रिकवरी की है, जो इस लक्ष्य के लिए एक मजबूत शुरुआत मानी जा रही है। इस रिकवरी का एक बड़ा हिस्सा, करीब ₹500 करोड़, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में चल रहे रिजोल्यूशन से आने की उम्मीद है।
विदेशी मुद्रा डिपॉजिट पर फोकस
लोन रिकवरी के अलावा, बैंक विदेशी मुद्रा डिपॉजिट (Foreign Currency Deposits) को बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। 9 जुलाई 2026 तक, बैंक 140 मिलियन USD जमा कर चुका है और सितंबर के अंत तक 2 बिलियन USD का आंकड़ा छूने का लक्ष्य रखा है। इस ग्रोथ प्लान को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हालिया फैसले का भी सहारा मिल रहा है, जिसमें तीन से पांच साल की मैच्योरिटी वाली नई फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (बैंक) डिपॉजिट्स पर इंटरेस्ट रेट की सीलिंग हटा दी गई है।
इस रेगुलेटरी बदलाव का मकसद नॉन-रेसिडेंट इंडियंस (NRIs) और अन्य योग्य विदेशी निवेशकों से फंड का इनफ्लो बढ़ाना है। बैंक का मैनेजमेंट इस लक्ष्य को लेकर आशावादी है, क्योंकि वर्तमान में 1 बिलियन USD का पाइपलाइन तैयार है। यह तब महत्वपूर्ण है जब पिछले फाइनेंशियल ईयर में इस तरह के डिपॉजिट्स में सेक्टर-वाइड इनफ्लो में गिरावट देखी गई थी।
CASA रेशियो में सुधार
घरेलू डिपॉजिट क्वालिटी में भी सुधार देखा गया है। बैंक ने FY27 की पहली तिमाही में सस्ते करेंट अकाउंट और सेविंग अकाउंट (CASA) डिपॉजिट्स में 15.3% की ग्रोथ दर्ज की है। इन लो-कॉस्ट डिपॉजिट्स का टोटल ₹3,19,525 करोड़ रहा, जिससे बैंक का CASA रेशियो 39.73% पर पहुंच गया। निवेशकों के लिए यह एक अहम मीट्रिक है, क्योंकि उच्च CASA रेशियो आमतौर पर बैंकों को फंड की लागत कम करके बेहतर नेट इंटरेस्ट मार्जिन बनाए रखने में मदद करता है।
हालिया पहलों में 17 लाख इन-ऑपरेटिव खातों को फिर से चालू करने की रणनीति भी शामिल है, जिससे ₹1,469 करोड़ की अतिरिक्त सेविंग बैलेंस आई है। मैनेजमेंट ने सेविंग और करेंट अकाउंट्स के एवरेज बैलेंस में बढ़ोतरी की भी रिपोर्ट दी है, जो मौजूदा कस्टमर के साथ संबंधों को मजबूत करने पर बैंक के फोकस को दर्शाता है।
