शानदार तिमाही नतीजों के दम पर Indian Bank ने अब चालू फाइनेंशियल ईयर के लिए ट्रेजरी इनकम का बड़ा लक्ष्य रखा है। बैंक का फोकस अब गोल्ड लोन पोर्टफोलियो को बढ़ाने और एसेट क्वालिटी में सुधार करने पर है।
ट्रेजरी से दमदार कमाई का रोडमैप
Indian Bank ने इस फाइनेंशियल ईयर के लिए अपनी ट्रेजरी इनकम का टारगेट ₹1,000 करोड़ से ₹1,500 करोड़ के बीच रखा है। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ही बैंक ने ट्रेजरी ऑपरेशंस से ₹500 करोड़ की कमाई कर ली है, जिसने ₹300 करोड़ के शुरुआती अनुमान को पीछे छोड़ दिया है। यह आय बैंक के लिए पारंपरिक लोन बिजनेस के अलावा कमाई का एक अहम जरिया बनी हुई है।
मुनाफे में रफ्तार और एसेट क्वालिटी
बैंक की कोर ऑपरेशंस काफी मजबूत नजर आ रहे हैं। पहली तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट 10.09% बढ़कर ₹3,273 करोड़ रहा, जबकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट ₹5,557 करोड़ पर दर्ज किया गया। मैनेजमेंट का मुख्य फोकस अब लोन बुक को क्लीन करने पर है। बैंक का लक्ष्य अपने ग्रॉस NPA को 1.86% से घटाकर 1.5% से 1.6% के दायरे में लाना है। इसके लिए ₹5,500 करोड़ की रिकवरी का लक्ष्य रखा गया है और ₹200 करोड़ के बैड लोन्स को एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी को बेचने की योजना है।
RAM सेगमेंट और गोल्ड लोन पर दांव
बैंक की कुल लोन बुक का 65% हिस्सा अब रिटेल, एग्रीकल्चर और MSME (RAM) सेगमेंट से आता है। बैंक को उम्मीद है कि इस साल उसका गोल्ड लोन पोर्टफोलियो ₹1.5 लाख करोड़ के पार निकल जाएगा। बैंक ने इस सेगमेंट में 20% ग्रोथ का लक्ष्य तय किया है। इसके अलावा, लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए बैंक ने हाल ही में $400 मिलियन की लॉन्ग-टर्म विदेशी फंडरेजिंग भी की है।
इन्वेस्टर्स के लिए अब यह देखना अहम होगा कि बैंक बॉन्ड मार्केट की अस्थिरता के बीच अपनी ट्रेजरी इनकम को कैसे बरकरार रखता है और कॉर्पोरेट लोन पोर्टफोलियो में रिकवरी की रफ्तार क्या रहती है।
