प्रोविजन्स में भारी बढ़ोतरी ने गिराए शेयर
दरअसल, 30 अप्रैल 2026 को Indian Bank के शेयर 5.77% गिरकर बंद हुए। नतीजों पर नज़र डालें तो, बैंक ने Q4FY26 में 5% की बढ़ोतरी के साथ ₹3,103 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) दर्ज किया और नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में भी 11.28% की अच्छी ग्रोथ दिखाई। लेकिन, प्रोविजन्स (Provisions) में 54.7% की जबरदस्त उछाल ने इन सबको फीका कर दिया। प्रोविजन्स बढ़कर ₹1,228 करोड़ पर पहुंच गए, जिसमें पश्चिम एशिया संकट से जुड़े लगभग ₹3.1 बिलियन के अतिरिक्त प्रोविजन भी शामिल थे। इन बढ़ी हुई लागतों ने बैंक की प्रॉफिटेबिलिटी पर असर डाला, भले ही ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) में 1.98% की कमी आई हो।
विश्लेषकों की राय बंटी
मार्केट Indian Bank के भविष्य को लेकर बंटा हुआ है। Motilal Oswal ने 'Buy' रेटिंग के साथ ₹1,025 का टारगेट दिया है, वहीं Systematix Institutional Equities ने 'Hold' रेटिंग और ₹990 का टारगेट रखा है। 12 विश्लेषकों का औसत टारगेट ₹998.08 है, जो 'Buy' की सलाह दर्शाता है।
ऑपरेशनल मोर्चे पर मजबूती, पर लागतों में बढ़ोतरी
ऑपरेशनल तौर पर, बैंक के डिपॉजिट्स 12.29% बढ़कर ₹8.27 ट्रिलियन और एडवांसेस 13.43% बढ़कर ₹6.67 ट्रिलियन हो गए। हालांकि, मैनेजमेंट का अनुमान है कि बढ़ती फंडिंग कॉस्ट (Funding Costs) नेट इंटरेस्ट मार्जिन्स (NIMs) को 3.10–3.25% की रेंज में बनाए रख सकती है। Fitch Ratings ने भी कहा है कि भारतीय बैंकिंग सिस्टम में टाइट लिक्विडिटी (Liquidity) NIMs पर दबाव डाल सकती है।
कैपिटल रेज से डाइल्यूशन का डर
बैंक के बोर्ड ने ₹5,000 करोड़ तक की कैपिटल जुटाने की मंजूरी दी है। हालांकि यह ग्रोथ के लिए कैपिटल बफर बढ़ाने के उद्देश्य से है, पर इससे शेयरहोल्डर डाइल्यूशन (Shareholder Dilution) का डर पैदा हो गया है। यह चिंता, स्टॉक की हालिया अस्थिरता और अपने 52-हफ्ते के हाई से लगभग 19% की गिरावट के साथ जुड़ गई है।
मुख्य जोखिम
प्रोविजन्स में बढ़ोतरी के अलावा, पश्चिम एशिया संकट जैसे भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से भविष्य में और प्रोविजनिंग की जरूरत पड़ सकती है। बढ़ती फंडिंग कॉस्ट और लिक्विडिटी टाइटनिंग से मार्जिन्स दब सकते हैं। कैपिटल रेज से मजबूती तो आएगी, पर डाइल्यूशन का जोखिम बना रहेगा। बैंक की ग्रॉस स्लिपेज रेशियो Q4FY26 में 0.85% रही, जो चिंता का विषय हो सकती है।
बैंक और सेक्टर का आउटलुक
मैनेजमेंट को उम्मीद है कि स्लिपेज रेशियो और क्रेडिट कॉस्ट 1% से नीचे रहेंगे। ब्रोकरेज FY27E के लिए RoA 1.3% और RoE 17.6% रहने का अनुमान लगा रहे हैं। वहीं, भारतीय बैंकिंग सेक्टर 17.1% की क्रेडिट ग्रोथ के साथ मजबूत दिख रहा है। Indian Bank का लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो (LCR) 127% पर मजबूत बना हुआ है।
