Indian Bank Share Price: निवेशकों की चांदी! ₹3,273 करोड़ के मुनाफे पर शेयर **10%** चढ़ा

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Indian Bank Share Price: निवेशकों की चांदी! ₹3,273 करोड़ के मुनाफे पर शेयर **10%** चढ़ा

सरकारी बैंक Indian Bank के शेयरों में आज **10%** की तूफानी तेजी देखने को मिली। कंपनी ने जून तिमाही में **10.1%** बढ़कर **₹3,273 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। इस उछाल ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है, जो बैंक की सुधरी एसेट क्वालिटी और मजबूत लेंडिंग ग्रोथ को देख रहे हैं।

शानदार नतीजों से शेयर में आया उछाल

सरकारी बैंक Indian Bank के शेयरों में शुक्रवार को जबरदस्त तेजी देखी गई। स्टॉक 10% चढ़कर ₹872.45 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। यह तेजी बैंक द्वारा चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही (Q1) के नतीजों के ऐलान के बाद आई है। बैंक ने इस तिमाही में ₹3,273 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 10.1% ज्यादा है।

कमाई और एसेट क्वालिटी में सुधार

बैंक के नतीजों से पता चलता है कि कोर ऑपरेशंस में अच्छी ग्रोथ दर्ज की गई है। बैंक का नेट इंटरेस्ट इनकम (NII), जो कमाए गए ब्याज और चुकाए गए ब्याज का अंतर होता है, साल-दर-साल 16.9% बढ़कर ₹7,435 करोड़ हो गया। ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी 16.5% का इजाफा हुआ और यह ₹5,557 करोड़ रहा।

बैंक के निवेशकों के लिए सबसे अहम एसेट क्वालिटी की बात करें तो यहां भी पॉजिटिव संकेत मिले हैं। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) रेशियो, यानी खराब लोन का हिस्सा, घटकर 1.86% पर आ गया। इसी तरह, नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPA) रेशियो भी घटकर 0.15% रह गया, जो पिछले सालों के मुकाबले एक साफ-सुथरा बैलेंस शीट दिखाता है।

पूरे सेक्टर में दिखी तेजी

Indian Bank के अच्छे प्रदर्शन का असर दूसरे सरकारी बैंकों पर भी दिखा। Nifty PSU Bank इंडेक्स 4.4% चढ़कर 8,561 के स्तर पर पहुंच गया। इस सेक्टर में व्यापक सकारात्मकता देखी गई। इंडेक्स के दूसरे अहम शेयरों जैसे Bank of Maharashtra और Bank of India में भी करीब 6% की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, देश के सबसे बड़े बैंक State Bank of India का शेयर भी 1.5% चढ़कर ₹1,037 पर कारोबार करता दिखा।

निवेशकों के लिए आगे क्या?

सरकारी बैंक लगातार क्रेडिट ग्रोथ और जमा राशि जुटाने में कामयाबी से फायदा उठा रहे हैं। मार्केट एनालिस्ट्स इस बात पर गौर कर रहे हैं कि इन बैंकों ने 13% से ज्यादा की एडवांसेस ग्रोथ को कम बैड-लोन रेशियो के साथ कैसे बनाए रखा है। इसके अलावा, ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में ब्रांच नेटवर्क का विस्तार भी डिपॉजिट ग्रोथ को सपोर्ट कर रहा है।

आगे चलकर निवेशक यह देखेंगे कि क्या ये बैंक अपने प्रॉफिट मार्जिन और कम बैड-लोन रेशियो को आने वाली तिमाहियों में भी बनाए रख पाते हैं, खासकर जब वे क्रेडिट विस्तार के साथ इंटरेस्ट रेट के रिस्क को मैनेज करने की कोशिश कर रहे हैं। क्रेडिट डिमांड की स्थिरता और बैंकिंग सेक्टर को लेकर सरकारी नीतियों में कोई भी बदलाव शेयरधारकों के लिए महत्वपूर्ण बने रहेंगे।

Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.