Indian Bank ने सितंबर **2026** तिमाही के लिए मजबूत नतीजे पेश किए हैं। बैंक का नेट प्रॉफिट **15%** बढ़कर **₹3,462 करोड़** पर पहुंच गया है, वहीं बैड लोन (GNPA) में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
चेन्नई स्थित पब्लिक सेक्टर लेंडर Indian Bank ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की दूसरी तिमाही के लिए दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹3,018 करोड़ से बढ़कर इस बार ₹3,462 करोड़ हो गया है। इस दौरान बैंक की कुल आय भी बढ़कर ₹23,059 करोड़ रही, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹19,077 करोड़ थी।
मजबूत कोर परफॉर्मेंस
बैंक की इस शानदार ग्रोथ के पीछे मुख्य वजह ब्याज से होने वाली कमाई (Interest Income) है, जो पिछले साल के ₹16,590 करोड़ से बढ़कर ₹19,106 करोड़ पर पहुंच गई। वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी जबरदस्त उछाल देखा गया, जो ₹4,837 करोड़ से बढ़कर ₹7,090 करोड़ हो गया है। यह दर्शाता है कि बैंक ने चुनौतीपूर्ण मार्केट कंडीशंस के बावजूद अपने कोर बिजनेस को बेहतर तरीके से संभाला है।
एसेट क्वालिटी और सुरक्षा
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात बैंक की बेहतर होती एसेट क्वालिटी है। बैंक का ग्रॉस NPA (GNPA) पिछले साल के 2.6% से घटकर अब 1.61% पर आ गया है। साथ ही, नेट NPA भी 0.16% से थोड़ा सुधरकर 0.14% हो गया है। इसके अलावा, बैंक ने भविष्य के जोखिमों के लिए 98.2% का प्रोविजन कवरेज रेश्यो (PCR) बनाए रखा है, जो बैलेंस शीट की मजबूती को दिखाता है।
कैपिटल एडिक्वेसी और आगे की राह
बैंक का कैपिटल टू रिस्क-वेटेड एसेट्स रेश्यो (CRAR) पिछले साल के 17.31% से मामूली घटकर 16.21% रहा है। हालांकि यह आंकड़ा रेगुलेटरी जरूरतों से अभी भी काफी ऊपर है, लेकिन निवेशक बैंक की क्रेडिट एक्सपेंशन योजनाओं पर नजर रखेंगे। आने वाले समय में बैंक मार्जिन को कैसे बनाए रखता है और बढ़ते बिजनेस के साथ एसेट क्वालिटी पर कितना नियंत्रण रहता है, यह शेयरहोल्डर्स के लिए मुख्य विषय होगा।
