Indian Bank, वित्तीय वर्ष 2027 के अंत तक अपनी आय को बढ़ाने के लिए एक नई वेल्थ मैनेजमेंट (Wealth Management) डिवीज़न लॉन्च करने की योजना बना रहा है। बैंक सितंबर तक अपने **$2 बिलियन** FCNR-B डिपॉजिट के लक्ष्य को पूरा करने की राह पर है और स्थिर डिपॉजिट ग्रोथ पर फोकस कर रहा है।
रेवेन्यू बढ़ाने की नई रणनीति
Indian Bank अपने बिजनेस को और बड़ा करने की तैयारी में है। बैंक एक खास वेल्थ मैनेजमेंट (Wealth Management) डिवीज़न शुरू करने वाला है, जो वित्तीय वर्ष 2027 के दूसरे हिस्से में काम करना शुरू कर देगा। इस कदम का मकसद बैंक की कमाई को पारंपरिक ब्याज वाले लोन से आगे बढ़ाना है, जिससे भविष्य में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margin) को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
नई सुविधाओं और टीम का गठन
इस नए काम को संभालने के लिए, बैंक ने एक कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट (Customer Relationship Management) प्लेटफॉर्म भी लॉन्च कर दिया है। इस सिस्टम से बैंक अपने बड़े और महत्वपूर्ण ग्राहकों को बेहतर ढंग से समझ सकेगा और उनकी जरूरतों को पूरा कर पाएगा। बैंक के CEO, बिनोद कुमार (Binod Kumar) ने बताया कि इस स्पेशल टीम के लिए भर्तियां (Recruitment) भी लॉन्च के समय के साथ ही की जाएंगी। हालांकि, बैंक ने अभी तक यह नहीं बताया है कि वे वेल्थ मैनेजमेंट में कितने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (Assets Under Management) का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं, लेकिन मैनेजमेंट का कहना है कि वे इस स्पेस में उतरते समय सख्त गवर्नेंस (Governance) के नियमों का पालन करने को प्राथमिकता देंगे।
पार्टनरशिप और भविष्य की योजनाएं
इसके अलावा, बैंक एक इंश्योरेंस प्रोवाइडर (Insurance Provider) या म्यूचुअल फंड हाउस (Mutual Fund House) के साथ एक बड़ी स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप (Strategic Partnership) पर भी विचार कर रहा है। यह पार्टनरशिप वित्तीय वर्ष 2028 तक पूरी होने की उम्मीद है। बैंक के मुताबिक, यह कोलैबोरेशन (Collaboration) मौजूदा टाई-अप्स (Tie-ups) से ज्यादा बड़ा होगा और इससे ग्राहकों को मिलने वाले प्रोडक्ट्स (Products) और सेवाओं में और सुधार होगा।
फॉरेन करेंसी डिपॉजिट पर प्रगति
एक और महत्वपूर्ण खबर यह है कि Indian Bank सितंबर 2026 तक $2 बिलियन फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट बैंक (FCNR-B) डिपॉजिट जुटाने के अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। अब तक, बैंक $150 मिलियन जुटा चुका है और लगभग $1 बिलियन का पाइपलाइन तैयार है। कुछ दूसरे बैंकों द्वारा ज्यादा ब्याज दरें देने के बावजूद, बैंक ने फिलहाल अपनी डिपॉजिट रेट्स (Deposit Rates) बढ़ाने का फैसला नहीं किया है। मैनेजमेंट का कहना है कि वे मौजूदा लक्ष्य को पूरा करने के बाद ही डिपॉजिट मार्केट (Deposit Market) का जायजा लेंगे। यह रणनीति दिखाती है कि बैंक लागत को स्थिर रखने पर ध्यान दे रहा है, बजाय इसके कि वह शॉर्ट-टर्म ग्रोथ के लिए डिपॉजिट रेट्स बढ़ाकर अपने प्रॉफिट मार्जिन को कम करे।
निवेशकों को वेल्थ मैनेजमेंट की शुरुआत, FY28 में प्रस्तावित स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप और बैंक की FCNR-B डिपॉजिट के लक्ष्य को हासिल करने की क्षमता पर नज़र रखनी चाहिए, खासकर इस बात पर कि यह सब इंटरेस्ट मार्जिन को प्रभावित किए बिना कैसे होगा। इन योजनाओं का सफल कार्यान्वयन महत्वपूर्ण होगा क्योंकि यह एक ऐसे सेक्टर में फी-बेस्ड इनकम (Fee-based Income) की ओर एक बड़ा कदम है जो पारंपरिक रूप से लेंडिंग (Lending) पर चलता है।
