Indian Bank का ग्रीन दांव: EV चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए लॉन्च की नई लोन स्कीम, लक्ष्य **₹100 करोड़**

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Indian Bank का ग्रीन दांव: EV चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए लॉन्च की नई लोन स्कीम, लक्ष्य **₹100 करोड़**

Indian Bank ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशनों को बढ़ावा देने के लिए 'IND Green Charge' स्कीम पेश की है। बैंक का लक्ष्य **FY27** तक इस सेक्टर में **₹100 करोड़** का लोन वितरित करना है, जिससे MSME पोर्टफोलियो को मजबूती मिलेगी।

सरकारी क्षेत्र के दिग्गज बैंक Indian Bank ने ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए 'IND Green Charge' नामक एक नई फाइनेंसिंग स्कीम का ऐलान किया है। बैंक इस सेक्टर में FY27 के अंत तक कुल ₹100 करोड़ का लोन बांटने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इस कदम के जरिए बैंक अपने MSME लोन बुक को बढ़ाने के साथ-साथ देश में ग्रीन एनर्जी के बदलाव को सपोर्ट कर रहा है।

स्कीम की मुख्य विशेषताएं:

  • लोन राशि: उद्यमी और बिजनेस ऑपरेटर्स ₹10 करोड़ तक के लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • अवधि: बैंक ने इसके लिए अधिकतम 8 साल का रीपेमेंट पीरियड तय किया है।
  • दायरा: यह फंडिंग पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों, फ्लीट चार्जिंग और प्राइवेट कैप्टिव स्टेशनों के लिए उपलब्ध होगी।

फाइनेंशियल हेल्थ और रिस्क:

बैंक के लेटेस्ट आंकड़ों (मार्च 2026) के मुताबिक, Gross NPA 1.98% और Net NPA 0.15% रहा है। एसेट क्वालिटी में मजबूती के कारण बैंक अब ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे नए सेगमेंट्स में जोखिम ले रहा है।

हालांकि, निवेश के नजरिए से देखें तो EV चार्जिंग जैसे नए सेक्टर में प्रोजेक्ट की सफलता चार्जिंग स्टेशनों के इस्तेमाल (यूटिलाइजेशन) पर निर्भर करेगी। यदि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की डिमांड उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ती है, तो कर्जदारों की प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ सकता है, जिससे लोन रीपेमेंट में चुनौतियां आ सकती हैं। बैंक ने साफ किया है कि उन्होंने अलग-अलग मॉडल्स पर स्ट्रेस टेस्टिंग की है, लेकिन निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में लोन डिस्बर्समेंट और एसेट क्वालिटी पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.