Indian Bank ने अपने ग्राहकों के लिए टर्म डिपॉजिट रेट्स में **15 बेसिस पॉइंट्स (bps)** की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। यह बदलाव **23 अक्टूबर** से लागू होगा और इसका मकसद बैंक के डोमेस्टिक फंडिंग मिक्स को और मजबूत बनाना है।
भारतीय बैंकिंग सेक्टर में जहां ज्यादातर बैंक लिक्विडिटी सरप्लस के बीच दरों को लेकर सतर्क हैं, वहीं Indian Bank ने एक अलग रास्ता चुना है। बैंक ने अपनी विशिष्ट टर्म डिपॉजिट स्कीम्स पर ब्याज दरों को बढ़ाकर रिटेल निवेशकों को आकर्षित करने की पहल की है।
नई ब्याज दरें (New Interest Rates)
इस बदलाव के बाद 555-दिन की डिपॉजिट स्कीम पर अब 6.80% का ब्याज मिलेगा, जो पहले 6.65% था। वहीं, 777-दिन वाली स्कीम के लिए ग्राहकों को अब 6.75% का रिटर्न मिलेगा, जबकि पहले यह 6.60% था।
बैंक की रणनीति के पीछे की कहानी
यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है। बैंक ने हाल ही में अपनी दूसरी तिमाही में लगभग ₹10,000 करोड़ के बल्क डिपॉजिट को कम किया था। बल्क डिपॉजिट महंगे और अस्थिर होते हैं, इसलिए अब बैंक का पूरा फोकस छोटे और स्थिर रिटेल डिपॉजिट्स की ओर है।
बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर बिनोद कुमार ने पहले ही बैलेंस शीट को मजबूत करने पर जोर दिया है। बैंक ने इससे पहले FCNR-B डिपॉजिट्स के जरिए लगभग ₹21,000 करोड़ जुटाए थे, और अब यह नया कदम बैंक के डोमेस्टिक फंड बेस को और अधिक टिकाऊ बनाने की कोशिश है।
निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह कदम बैंक के मार्जिन पर असर डाल सकता है, क्योंकि डिपॉजिट रेट बढ़ने से 'कॉस्ट ऑफ फंड्स' में भी इजाफा होता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह रणनीति बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव डाले बिना उसके डिपॉजिट प्रोफाइल को स्थिर कर पाती है या नहीं।
