Indian Bank ने दुबई में अपना रिप्रजेंटेटिव ऑफिस खोलने के लिए बोर्ड की मंजूरी ले ली है। बैंक का लक्ष्य वहां मौजूद भारतीय प्रवासियों को सेवाएं देना है। साथ ही बैंक ने जून 2026 तिमाही में **10.09%** के मुनाफे के साथ घरेलू स्तर पर भी **100** नई ब्रांच खोलने का ऐलान किया है।
ग्लोबल मार्केट में विस्तार
Indian Bank ने अपनी अंतरराष्ट्रीय रणनीति के तहत दुबई में एक रिप्रजेंटेटिव ऑफिस खोलने का फैसला किया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अपनी मौजूदगी से बैंक वहां के भारतीय समुदाय के साथ बेहतर तालमेल बिठा पाएगा और क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड फाइनेंस और रेमिटेंस सर्विसेज में अपनी पकड़ मजबूत करेगा। बैंक पहले से ही सिंगापुर, श्रीलंका और GIFT City में अपनी सेवाएं दे रहा है, और अब मलेशिया व इंडोनेशिया जैसे बाजारों पर भी नजर बनाए हुए है।
फाइनेंशियल हेल्थ और प्रदर्शन
बैंक के हालिया फाइनेंशियल आंकड़े काफी मजबूत नजर आ रहे हैं। जून 2026 को समाप्त तिमाही में बैंक ने ₹3,273 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 10.09% ज्यादा है। एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ है और ग्रॉस NPA 1.86% के स्तर पर आ गया है।
रिप्रजेंटेटिव ऑफिस का मतलब
निवेशकों को यह समझना होगा कि एक रिप्रजेंटेटिव ऑफिस पूरी तरह से काम करने वाली ब्रांच से अलग होता है। यह सीधे तौर पर जमा (deposits) स्वीकार नहीं कर सकता और न ही खुदरा बैंकिंग लेनदेन कर सकता है। इसका मुख्य काम लियजनिंग (liaison), ट्रेड सपोर्ट और मार्केट की जानकारी जुटाना होगा।
घरेलू और विदेशी रणनीति का संतुलन
बैंक का जोर सिर्फ विदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि घरेलू नेटवर्क को बढ़ाने पर भी है। चालू फाइनेंशियल ईयर में बैंक 100 नई ब्रांच खोलने की तैयारी में है, जिसमें मुख्य फोकस सेंट्रल और वेस्टर्न इंडिया पर है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि बैंक विदेशी विस्तार और घरेलू ब्रांच एक्सपेंशन के खर्चों के बीच अपने मुनाफे के मार्जिन को कैसे मैनेज करता है।
