Indian Bank: अब वेल्थ मैनेजमेंट से कमाई बढ़ाएगा बैंक, ₹4000 Cr जुटाने की भी योजना

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Indian Bank: अब वेल्थ मैनेजमेंट से कमाई बढ़ाएगा बैंक, ₹4000 Cr जुटाने की भी योजना
Overview

Indian Bank अपने नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) में संभावित गिरावट से निपटने के लिए एक बड़ा कदम उठा रहा है। बैंक फाइनेंशियल ईयर **2027** की दूसरी छमाही में एक नया वेल्थ मैनेजमेंट (Wealth Management) डिवीजन लॉन्च करेगा। इसके साथ ही, RBI के नए प्रोविजनिंग नॉर्म्स को पूरा करने के लिए बैंक **₹4,000-₹6,000 करोड़** तक की पूंजी जुटाने पर भी विचार कर रहा है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

कमाई बढ़ाने और कैपिटल जुटाने की तैयारी में Indian Bank

Indian Bank ने अपने नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) में आने वाली संभावित गिरावट से निपटने के लिए एक नई रणनीति बनाई है। बैंक फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी छमाही में एक नया वेल्थ मैनेजमेंट (Wealth Management) डिवीजन शुरू करने जा रहा है। यह कदम NIMs के 3% से घटकर 2-2.5% तक जाने की आशंका के मद्देनजर उठाया गया है। बैंक के CEO बिनोद कुमार ने बताया कि वे हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) को टारगेट करेंगे, क्योंकि भारतीय वेल्थ मैनेजमेंट मार्केट में काफी तेजी है और यह बैंक के लिए नॉन-इंटरेस्ट इनकम बढ़ाने का एक बेहतरीन मौका है।

QIP के जरिए कैपिटल जुटाने की भी योजना

इसके साथ ही, Indian Bank फाइनेंशियल ईयर 2027 की तीसरी तिमाही (Q3 FY27) में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए कैपिटल जुटाने की योजना बना रहा है। इस कैपिटल रेज का मुख्य मकसद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए Expected Credit Loss (ECL) नॉर्म्स को पूरा करना है। इन नियमों के तहत बैंक को ₹4,000 करोड़ से ₹6,000 करोड़ तक के प्रोविजनिंग की जरूरत पड़ सकती है। शुरुआत में बैंक ₹2,500 करोड़ जुटा सकता है, जिसमें अतिरिक्त ₹2,500 करोड़ और जोड़ने का विकल्प भी रहेगा। हालांकि, बैंक के मजबूत 16% CET-1 रेशियो को देखते हुए यह राशि ₹2,000-₹2,500 करोड़ के बीच भी हो सकती है। इस कैपिटल रेज से सरकार की 73.84% हिस्सेदारी में मामूली कमी आने की भी संभावना है।

कॉर्पोरेट लेंडिंग और सरकारी स्कीम्स पर भी फोकस

बैंक सरकार की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) 5.0 में भी सक्रिय रूप से शामिल है, जिसका लोन बुक लगभग ₹12,000-₹15,000 करोड़ का है। फाइनेंशियल ईयर 2027 में बैंक अपने कॉर्पोरेट लोन पोर्टफोलियो में डबल-डिजिट ग्रोथ का अनुमान लगा रहा है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर 2026 में 9% थी। बैंक ग्रीन फाइनेंस, ट्रांसमिशन लाइन्स, और डेटा सेंटर्स जैसे उभरते क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और ₹50 करोड़ से ₹500 करोड़ के बीच के लेंडिंग अवसरों को भुनाने की कोशिश कर रहा है।

जोखिम और एनालिस्ट्स की राय

हालांकि, इस योजना में कुछ जोखिम भी हैं। NIMs का उम्मीद से ज्यादा गिरना, वेल्थ मैनेजमेंट डिवीजन को प्रतिस्पर्धी बाजार में स्थापित करने में चुनौतियां, और QIP की कीमत का निर्धारण प्रमुख जोखिम हैं। RBI के ECL प्रोविजनिंग नियमों का अंतिम प्रभाव भी अनिश्चित बना हुआ है। इसके बावजूद, एनालिस्ट्स (Analysts) Indian Bank के भविष्य को लेकर उत्साहित दिख रहे हैं। Motilal Oswal और Anand Rathi जैसे ब्रोकरेज हाउस ने 'Buy' रेटिंग देते हुए क्रमशः ₹1,025 और ₹1,051 का टारगेट प्राइस तय किया है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.